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‘आप डिजिटल अरेस्ट में हैं’, मुंबई पुलिस बन ठगों ने बुजुर्ग महिला से 4 किस्तों में उड़ाए 1.04 करोड़ रुपए, 7 दिन तक डराया

Fraud News: बिलासपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगों ने 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.04 करोड़ रुपए ठग लिए।
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Fake E-Challan Link Fraud

ठगी (photo-patrika)

CG Fraud News: यह मामला साइबर ठगी से कहीं बढ़कर है- यह डर, भरोसे और अकेलेपन को निशाना बनाकर रची गई एक सुनियोजित साजिश है। बिलासपुर की 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर सात दिनों तक मानसिक रूप से कैद रखा और उनसे 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए ठग लिए। रेंज साइबर थाना ने अज्ञात आरोपी "संजय" के खिलाफ आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पेश है पीड़िता की कहानी, उसी की जुबानी, जैसा कि उन्होंने पुलिस को बताया।

जानें पूरा मामला

20 अप्रैल को मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया। सामने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि मैं टेरर फंडिंग केस में शामिल हूं। यह सुनते ही मैं घबरा गई। उन्होंने तुरंत वीडियो कॉल किया और मुझे एक ऐसा माहौल दिखाया, जैसे मैं किसी बड़े क्राइम ब्रांच ऑफिसर से बात कर रही हूं। उन्होंने कहा कि मैं ‘डिजिटल अरेस्ट’ में हूं और मेरा फोन भी निगरानी में है। मुझे चेतावनी दी गई कि अगर मैंने किसी को कुछ बताया या घर से बाहर निकली, तो मुझे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मैं डर गई और उनकी हर बात मानने लगी। वे मुझे घंटों वीडियो कॉल पर रखते थे, बोले कि ‘आरबीआई जांच’ चल रही है और मुझे अपनी सारी रकम सरकारी खाते में ट्रांसफर करनी होगी, जो बाद में वापस मिल जाएगी। सबसे ज्यादा डर तब लगा, जब उन्होंने कहा कि अगर मैंने सहयोग नहीं किया तो मेरे बेटे और पोतों को भी जेल भेज दिया जाएगा। एक मां होने के नाते मैं यह जोखिम नहीं ले सकती थी। हर दिन मुझे लगता था कि मैं अपने परिवार को बचा रही हूं, पर असल में मैं अपनी पूरी जिंदगी की कमाई खो रही थी।

4 किस्तों में रकम ट्रांसफर

डर और दबाव में मैंने 21 अप्रैल को क्र20.20 लाख, 22 अप्रैल को 34.20 लाख, 23 अप्रैल को 15.20 लाख और 24 अप्रैल 35.20 लाख इस तरह कुल 1,04,80,000 उनके बताए खातों में जमा कर दिए। इस दौरान वे लगातार वीडियो कॉल करते रहे और सुप्रीम कोर्ट व ईडी के नाम पर फर्जी नोटिस भेजकर महिला को भ्रमित करते रहे।

50 लाख की और मांग से खुला मामला

‘27 अप्रैल को उन्होंने मुझसे 50 लाख रुपए और मांगे। तब मेरे पास पैसे नहीं बचे थे। मजबूरी में मैंने मुंबई में अपने बेटे को फोन किया। उसे सारी बात बताई। बेटे को शक हुआ और वह तुरंत बिलासपुर पहुंचा। तब जाकर इस पूरे साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ।

गगन कुमार, सीएसपी, बिलासपुर के मुताबिक, बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1.04 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

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