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गाजियाबाद ने बनाया नया रिकॉर्ड: जाम से छलका सरकारी खजाना, 1,889 करोड़ की शराब गटक गए लोग

Ghaziabad News: गाजियाबाद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शराब बिक्री ने 1,889 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बनाया, जिससे सरकारी राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ है।

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ghaziabad liquor sales record 1889 crore

गाजियाबाद ने बनाया नया रिकॉर्ड | AI Generated Image

Liquor Sales Record 1889 Crore:गाजियाबाद जिले में शराब और बीयर की बढ़ती खपत ने इस बार एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग ने 1,889 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह उपलब्धि विभाग के तय लक्ष्य के करीब 88 प्रतिशत तक पहुंचने के रूप में देखी जा रही है।

बदलती लाइफस्टाइल से बढ़ी मांग

इस बढ़ती खपत के पीछे शहरीकरण, बढ़ती आबादी और लाइफस्टाइल में बदलाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। खासतौर पर बीयर और प्रीमियम शराब की मांग में तेजी देखी गई है, जिससे जिले की कुल बिक्री में बड़ा उछाल आया है। यह रुझान पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी तेज माना जा रहा है।

अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई

वहीं दूसरी ओर, अवैध शराब के कारोबार पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 1,189 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 53 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 52 आरोपियों को जेल भेजा गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार सक्रिय है।

पांच साल में पहली बार गिरफ्तारी घटी

पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अवैध शराब के मामलों में गिरफ्तारियों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2021-22 में 252, 2022-23 में 466, 2024-24 में 212 और 2024-25 में 116 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन 2025-26 में पहली बार यह संख्या 100 से भी कम रही, जो सख्ती और निगरानी का संकेत देती है।

निगरानी और छापेमारी हुई तेज

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब की बिक्री को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षकों को नियमित चेकिंग और छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं, खासकर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है जो दूसरे राज्यों से शराब लाकर अवैध रूप से बेचते हैं।

जीरो टॉलरेंस नीति पर काम जारी

जिला आबकारी अधिकारी संजय सिंह के अनुसार, अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाती है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की कोशिश की जाती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में अवैध शराब का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त किया जाए।