कई बार शरीर के किसी हिस्से में मस्सा हो जाता है, जो देखने में अच्छा नहीं लगता। मस्से ह्यूमन पैपिल्लोमा वायरस के कारण होते हैं।
कई बार शरीर के किसी हिस्से में मस्सा हो जाता है, जो देखने में अच्छा नहीं लगता। मस्से ह्यूमन पैपिल्लोमा वायरस के कारण होते हैं। आयुर्वेदिक पद्धति से इनसे मुक्ति पाई जा सकता है -
- मस्सों पर बड़ (बरगद) के पत्तों का रस लगाएं।
- मस्सों पर आंवला अच्छी तरह मलें। फिर आंवले का रस मस्से पर लगाकर पट्टी बांध लें।
- मस्सों पर एलोवेरा को दिन में तीन बार लगाएं। हफ्ते भर में आराम मिलेगा।
- बंगला, कपूरी, मलवारी या नागरबेल पान के पत्ते के डंठल का रस मस्से पर लगाएं। मस्से झड़ जाएंगे। पान में खाने का चूना मिलाकर मस्से पर घिसें।
- मस्सों पर नियमित अरंडी का तेल लगाएं। इससे नरम होकर ये गायब हो जाएंगे।
आलू भी है उपचार
आलू के बिना सब्जियाँ कैसी लगेंगी? सभी सब्जियों में आलू कॉमन होता है। इसके इस्तेमाल से आप मस्सों से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए कच्चे आलू के एक स्लाइस को आप नियमित रूप से दस मिनट तक मस्से पर लगाकर रखें इससे लाभ मिलेगा।
केले का छिलका
केले के छिलके कि सहायता से आप मस्से को दूर कर सकते हैं।इसके लिए आपको केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उसपर एक पट्टी बांध लें। नियमित रूप से दिन में दो बार लगातार ऐसा करने से मस्से ख़तम हो जाते हैं।
लहसुन के इस्तेमाल से
मस्से को दूर करने के लिए लहसून के एक टुकड़े को पीसकर रखें। हलांकी ये ध्यान रखें कि ये बहुत महीन न हो और इस पीसे हुए लहसून को मस्से पर रखकर इसे पट्टी से बांध लें. इससे भी मस्सों के उपचार में काफी सहायता मिलती है।
कारगर है मौसम्मी का रस
मौसम्मी के रस कि एक ताजा बूँद यदि आप अपने मस्से पर नियमित रूप से लगाएँ तो इससे भी काफी राहत मिलती है। लगाने के बाद इसपर पट्टी बाँध लें। दिन में 3-4 बार ऐसा करने पर आपके मस्से गायब हो जाएंगे।