
अपनी बॉडी को सुडौल और कसरती दिखाना कौन नहीं चाहता है। लोग इस तरह की बॉडी पाने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। हालांकि ये सभी जानते हैं कि जिम में भी युवाओं को प्रोटीन युक्त पाउडर आजमाने को कहा जाता है। साथ ही में कुछ बाजार में मिलने वाले प्रोडॅक्ट्स भी बताए जाते हैं।
जिम जाकर डोले बनाने की चाह रखने वाले नौजवानों को जिम संचालक अक्सर उस प्रोटीन पॉउडर के सेवन के लिए तैयार कर लेते है जो शरीर के लिए जहर के समान है। इस पॉउडर से शरीर फूल तो जाता है, लेकिन वह पेट संबंधी रोगों की ऐसी सौगात भी देता है, जो बाद में तमाम इलाज के बावजूद ठीक नही होती। जहाँ तक शरीर को गठीला बनाने का सवाल है तो आयुर्वेद में एक से बढ़कर एक नुस्खे है। ऐसा ही एक नुस्खा हम आपको बताते है।
यह नुस्खा तैयार होता है उड़द से, जी हां उड़द। वही उड़द जिसे हम दाल के रूप में तड़का लगाकर खाते हैं। आपको करना बस इतना है कि मां को बताना है यह नुस्खा।
एक किलो काला उडद ले, उसे 12 घण्टे भिगोकर धो ले, इससे उसके छिलके हट जाएंगे, अब उसे खूब महीन पीस ले। फिर गाय का एक किलो घी ले और उसे सुनहरी होने तक भून लें। ठंडा होने पर उसमे आधा किलो मोटा बूरा तथा भीगे लेकिन पिसे हुए आधा किलो बादाम मिलाकर लड्डू बना ले। इन लड्डुओं का सुबह जिम करने के बाद गाय के शुद्ध आधा किलो दूध के साथ सेवन करे। ध्यान रहे दूध घूंट घूंट कर पियें। सेवन एक माह तक नियमित करे। एक माह बाद अपने डोले चेक कर लें और प्रोटीन पॉउडर लेने वाले से तुलना कर लें।
अगर हर सर्दी में इस नुस्खे का प्रयोग किया जाए तो बुढ़ापे में जोड़ों का दर्द, बदन दर्द, कमजारे यादादश्त, जल्दी बुढ़ापे के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।