आमतौर पर सर्जिकल स्टेनलेस स्टील, सोना, प्लेटिनम या टाइटैनियम सुरक्षित रहते हैं।
फैशन के लिए अब नाक और कानों के अलावा होंठ, जीभ और नाभि पियर्सिंग (छिदवाई) भी करवाई जाने लगी है लेकिन पियर्सिंग कराने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें। यह जानना जरूरी है कि आपको किसी धातु से एलर्जी तो नहीं है। आमतौर पर सर्जिकल स्टेनलेस स्टील, सोना, प्लेटिनम या टाइटैनियम सुरक्षित रहते हैं।
घाव जब तक अच्छी तरह सूख न जाए तब तक क्रीम, डियो या परफ्यूम न लगाएं।
पियर्सिंग के बाद थोड़ा रक्त बहना, सूजन या फुंसी जैसा आकार बन जाना स्वाभाविक है, लेकिन आपको लगे कि समस्या बढ़ रही है, तो तुरंत चिकित्सक की राय लें।
इनका रखें ध्यान -
नई सूई का प्रयोग हो।
छूने से पहले हाथ अच्छी तरह साबुन से धोकर सुखाएं।
नियमित सैलाइन वॉटर से पियर्सिंग की जगह को साफ करें।
तैराकी का शौक रखती हों, तो पियर्सिंग के बाद कम से कम हफ्ते तक स्विमिंग न करें।
गहना अगर पियर्सिंग वाली जगह पर चिपक जाए और घूमे नहीं तो जबरदस्ती ऐसा न करें।