नाभि में सरसों का तेल लगाने से भी लाभ होता है।
लहसुन की 4-5 कलियों को सरसों के तेल में पका लें। इस तेल की दो बूंद रोजाना नाक में डालने से स्वाइन फ्लू से बचाव होता है। नाभि में सरसों का तेल लगाने से भी लाभ होता है। इससे होठ नहीं फटते, त्वचा कोमल व मुलायम रहती है।
कर्पूर को प्लास्टिक की थैली या रुमाल में गांठ लगाकर जेब में रखें, इससे बैक्टीरिया हमला नहीं करते। पीपल के तीन पत्तों को कोने से तोड़ लें, धोकर चबाएं और बाद में एक गिलास करेले का रस पिएं। लेकिन एक घंटे तक कुछ खाएं नहीं।
घर से निकलते समय नारियल तेल में कर्पूर मिलाकर त्वचा पर लगाएं।
पानी में फिटकरी या नमक डालकर नहाने से भी संक्रमण से बचाव होता है।
नीम की पत्तियां भी रोगी के बिस्तर पर रख सकते हैं इससे बैक्टीरिया उससे दूर रहते हैं।
एक चम्मच नमक व 1/2 चम्मच हल्दी को एक गिलास पानी में उबाल लें, गुनगुना होने पर गरारे करें। यही प्रयोग तुलसी के पत्तों के साथ भी किया जा सकता है।