सौंदर्य

एलर्जी या संक्रमण से होते हैं त्वचा संबंधी रोगa

सोरायसिस के क्रॉनिक व गंभीर होने पर करीब 40 प्रतिशत रोगियों में जोड़ों में दर्द व सूजन जैसे लक्षण भी पाए जाते हैं।

less than 1 minute read
May 10, 2019
Psoriasis

सोरायसिस की समस्या त्वचा की सबसे ऊपरी परत एपिडर्मिस पर होती है। सामान्य रूप से यह तकलीफ हमारी त्वचा पर लाल रंग की सतह के रूप में उभरती है जिसमें स्कैल्प (सिर की सतह), हथेलियां, तलवे, कोहनी, घुटने और पीठ आदि अंग ज्यादा प्रभावित होते हैं। इस रोग के कारणों का फिलहाल कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है लेकिन कई शोधों में यह माना गया है कि आनुवांशिकता, एलर्जी या किसी प्रकार के संक्रमण से यह परेशानी हो सकती है। इसके अलावा मौसम में होने वाले बदलाव भी इसका कारण बनते हैं।

लक्षण : इस रोग से प्रभावित हिस्से की चमक कम होने से त्वचा रूखी, फटी और मोटी दिखाई देती है व उसमें खुजली भी होती है। सोरायसिस के क्रॉनिक व गंभीर होने पर करीब 40 प्रतिशत रोगियों में जोड़ों में दर्द व सूजन जैसे लक्षण भी पाए जाते हैं। इस अवस्था को सोराइटिस आर्थराइटिस कहते हैं। यह बीमारी सर्दियों में ज्यादा परेशान करती है।

होम्योपैथिक उपचार-
सोरायसिस के उपचार में बाह्य प्रयोग के लिए एंटिसोरियेटिक क्रीम/ लोशन/ ऑइंटमेंट की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। लेकिन जब बाह्योपचार से लाभ न हो तो एंटीसोरिक और सिमटोमेटिक होम्योपैथिक औषधियों का प्रयोग जरूरी होता है। लक्षणानुसार कुछ होम्योपैथिक औषधियां जैसे मरक्यूरस सौल, लाईकोपोडियम, सल्फर, सोराइन्म, आर्सेनिक अल्ब्म, ग्रफाइट्स आदि दी जाती हैं।
होम्योपैथी में शारीरिक व मानसिक लक्षणों को देखने के बाद ही उपचार किया जाता है इसलिए इन दवाओं का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

Updated on:
09 May 2019 07:01 pm
Published on:
10 May 2019 10:07 am
Also Read
View All