बालों और त्वचा की सेहत के लिए विटामिन अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन यदि आप विटामिन की स्टडी करके इन्हें बालों में अप्लाई करेंगे, तो ज्यादा फायदा होगा। आइए जानते हैं उस विटामिन के बारे में, जो बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इसमें मौजूद तत्व बालों की विभिन्न तरह की समस्याओं को खत्म कर देते हैं और इसका असर भी पहले दिन से दिखना शुरू हो जाता है।
हम बात कर रहे हैं नियासिनमाइड की। यह त्वचा के साथ—साथ बालों की सेहत भी सुधारता है। यह हेयर सीरम और शैम्पू जैसे हेयर प्रोडक्ट में प्रमुखता से पाया जाता है। यह विटामिन B3 का एक रूप है, जो एक आवश्यक पोषक तत्व है। B3 की कमी से त्वचा, गुर्दे और मस्तिष्क के विकार हो सकते हैं। नियासिनमाइड लेने से बी-3 की कमी को रोकने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं इसके इस्तेमाल से बालों की सेहत किस तरह से सुधरती है।
स्कैल्प के लिए फायदेमंद
नियासिनामाइड ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे स्कैल्प की सेहत सुधरती है। साथ ही स्कैल्प में किसी तरह का इंफेक्शन या फिर सूजन होती है, तो वह उसे भी दूर करता है।
रूखेपन को करता है दूर
नियासिनामाइड बालों में नमी को बनाए रखता है। इससे बालों का टूटना कम होता है, और नमी को बनाए रखने की स्थिति में ड्रेंडफ से भी छुटकारा मिलता है, इससे बाल अच्छी तरह से हाइड्रेटेड होते हैं।
मिलती है मजबूती
नियासिनमाइड से बालों को मजबूती मिलती है। इससे बाल टूटने से तो बचते ही हैं, साथ ही दोमुंहे होने से भी बचते हैं। वहीं यह बालों के झड़ने से जुड़े हार्मोन डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) को बैलेंस करने में मदद कर सकता है, जिससे बालों का पतला होना और झड़ना संभावित रूप से कम हो जाता है।
खुजली से राहत
कई बार स्कैल्प में बहुत ज्यादा खुजली होने लगती है। नियासिनमाइड इस खुजली को कम करती है। सूजन में भी कमी होती है। इससे बाल चिकने, चमकदार और मैनेजेबल होते हैं।
बना रहता है प्राकृतिक रंग
इससे बालों का प्राकृतिक रंग भी बना रहता है। साथ ही यह हेयर कलर से भी बालों को सुरक्षित रखते हैं। ऐसे में नियासिनमाइड को नियमित बालों की देखभाल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।