Chikoo Face Pack: चीकू एक पौष्टिक फल है, जो न केवल शरीर के लिए लाभदायक है बल्कि यह त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी होता है। चीकू से बना फेस पैक त्वचा को तरोताजा और जवां बनाए रखने में मदद कर सकता है। (Chikoo face pack benefits)
Chikoo Face Pack: अगर आपकी त्वचा धूप, पसीने और प्रदूषण की वजह से अपनी चमक खो बैठी है, तो आप घर पर ही उसे दोबारा निखार सकते हैं। गर्मियों में मिलने वाला फल चीकू, जो न सिर्फ स्वाद में मीठा होता है, बल्कि त्वचा के लिए भी कई तरह से लाभकारी है। गर्मी के मौसम में त्वचा डिहाइड्रेट और बेजान सी लगने लगती है, ऐसे में चीकू फेस पैक त्वचा को रिफ्रेश करने और उसे यंग लुक देने में मदद करता है।आइए जानते हैं कि इस फेस पैक को घर पर कैसे तैयार किया जा सकता है और इसके कुछ प्रमुख फायदे क्या हैं।
हाइड्रेशन: चीकू में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है और उसे मुलायम और ताजगी से भर देता है।
विटामिन से भरपूर: इसमें विटामिन C और E जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को नुकसान से बचाते हैं और हेल्दी बनाए रखते हैं।
एंटी-एजिंग गुण: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की झुर्रियों को कम करने और उम्र के असर को धीमा करने में मदद करते हैं।
ग्लोइंग स्किन: यह फेस पैक त्वचा को नैचुरल ग्लो देता है और डलनेस को दूर करता है।
यह पैक त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और नेचुरल ग्लो लाता है। शहद की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज त्वचा को साफ और मुलायम बनाती हैं। इसे बनाने के लिए चीकू को एक बाउल में अच्छी तरह मैश कर लें और इसमें शहद मिलाकर एक स्मूद पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं।15–20 मिनट तक सूखने दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें ताकि फर्क जल्द ही दिखे।
अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो यह बेहतरीन फेस पैक आपके स्किन पर असर कर सकता है। यह पैक अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाकर त्वचा को क्लीन और रिफ्रेश करता है। मुल्तानी मिट्टी पोर्स को टाइट करती है और गुलाबजल त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। इसे बनाने के लिए सभी सामग्री को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। फिर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक सूखने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें और हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।