70 में से 20 सीसी टीवी कैमरे हुए खराब नहीं हुई नियमित देखभाल और सार संभाल भामाशाहों का खर्च हो रहा व्यर्थ
ब्यावर. शहर में होने वाली प्रत्येक आपराधिक गतिविधियों पर पैनी नजर के लिए लगाए गए ज्यादातर सीसी टीवी कैमरे इन दिनों खराब पड़े है। अनदेखी और नियमित देखभाल के अभाव में शहर की तीसरी आंख के रूप में लगे 70 में से 20 सीसी टीवी कैमरे खराब पड़े है। ऐसे में भामाशाह की ओर से किया गया लाखों रुपए खर्च भी व्यर्थ नजर आ रहा है। वहीं सिटी थाना पुलिस को भी इसकी कोई परवाह नहीं है।
शहर में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की पुख्ता निगरानी के लिए सिटी थाने के तत्कालीन सीआई रविंद्रसिंह दारा ने रूपरेखा तय की। शहर के सभी प्रवेश मार्गों, मुख्य मार्गों और चौराहों समेत संवेदनशील इलाकों इत्यादि जगह सीसी टीवी कैमरे लगाने का मानचित्र तैयार किया गया। सीसी टीवी कैमरों के लिए शहर की 70 जगह चिन्हित की गई। सिटी थाना पुलिस के साथ ही शहर के भामाशाह भी आगे आए और 70 सीसी टीवी कैमरे लगाने के लिए 14 लाख के आर्थिक सहयोग की सहमति दे दी। स्थानीय डिश संचालक गोविंद शर्मा ने इसके लिए नि:शुल्क फाइबर नेटवर्क उपलब्ध करवाने की हामी भर ली। 4 नवम्बर 2018 को शहर के लगभग सभी 70 जगह सीसी टीवी कैमर लगा कर उन्हें चालू किया गया। इनका कंट्रोल सिटी थाने में बनाया गया। कंट्रोल रूप में कैमरे के संचालन और मोनिट्रिंग का जिम्मा सिटी थाना पुलिस खुद ने संभाला। लेकिन साल भी नहीं बीता की नियमित देखभाल बंद हो गई।दो साल का है एग्रीमेंटसीटी टीवी कैमरे लगाने वाली फर्म की ओर से दो साल तक सभी कैमरों की देखभाल और मरम्मत इत्यादि के कार्य का एग्रीमेंट भी किया गया था। करीब 5-6 महीनें से 19 कैमरे बंद पड़े है। लेकिन इनकी संबंधित फर्म ने भी सुध नहीं ली और इन्हें चालू कराने के सिटी थाना पुलिस के प्रयास भी नाकाफी रहे।संवेदनशील इलाकों के कैमरे हुए बंदइन दिनों सर्दी का सीजन है और इसी सीजन में चोरी, नकबजनी और डकैती समेत अन्य आपराधिक वारदातें की संख्या अधिक होती है। शहर के संवेदनशील इलाकों और मुख्य मार्गों के ही सीसी टीवी कैमरे बंद पड़े है। लेकिन इसकी परवाह किसी को नहीं है।
पुलिस के मददगार बने कैमरे
यह सीसी टीवी कैमरे संगीन वारदातों में पुलिस के मददगार भी साबित हुए। सीसी टीवी के फुटेज के कारण ही गणेशपुरा रोड पर युवक की मिली लाश के प्रकरण में आरोपित पकड़े जा सके। इसी प्रकार कृषि मंडी तिराहे क्षेत्र में एक मासूम बालिका के दुराचार के आरोपित सलाखों में गए। इनके अतिरिक्त भी इन कैमरों के कारण कई वारदातों में पुलिस को जांच में मदद और सफलता भी मिली।