
युवराज सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब (फोटो-पत्रिका)
ब्यावर/जवाजा। जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में देश के काम आए मगरे के जांबाज अग्निवीर युवराज सिंह की पार्थिव देह शुक्रवार को तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंची तो पूरा गांव गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इससे पहले शहर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर लाडले की अंतिम विदाई दी।
कई जगह पर महिलाओं ने सैल्यूट कर सम्मान दिया। कई महिलाओं की आंखें छलक गईं। शवयात्रा के दौरान हर मार्ग पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शुक्रवार सुबह शहीद की पार्थिव देह सैनिक विश्रामगृह लाई गई जहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधायक शंकर सिंह रावत, एडीएम ब्रह्मलाल जाट, तहसीलदार हनुत सिंह रावत, सीओ सिटी राजेश कसाना, पूर्व विधायक देवीशंकर भूतडा सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'युवराज अमर रहे' के नारों से परिसर गूंजता रहा।
सैनिक विश्रामगृह से शहीद की पार्थिव देह को तिरंगा यात्रा के रूप में पैतृक गांव लगेतखेड़ा के लिए रवाना किया गया। यात्रा मार्ग में सड़क के दोनों ओर हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए खड़े नजर आए। युवाओं ने बाइक रैली निकालकर वीर जवान को अंतिम सलाम किया। रास्ते भर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई। कई स्थानों पर मकानों की छतों से फूल बरसाए गए, वहीं कुछ जगह जेसीबी मशीनों से पुष्पवर्षा की गई। जहां-जहां से यात्रा गुजरी लोगों ने हाथ जोड़कर और नम आंखों से शहीद को अंतिम प्रणाम किया।
युवराज सिंह की पार्थिव देह गांव पहुंचते ही पूरा इलाका शोक में डूब गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आसपास के गांवों और दूरदराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। माता-पिता सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां अपने बेटे को देखकर बेसुध हो गई, जबकि पिता की आंखों से आंसुओं की धार थमने का नाम नहीं ले रही थी। महिलाएं विलाप करती नजर आईं और छोटे बच्चे भी बिलख पड़े। दोस्तों और ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर साथी को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार स्थल पर सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जवानों ने हथियार उल्टे कर अपने वीर साथी को अंतिम सलामी दी। शहीद युवराज सिंह की पार्थिव देह को उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
शहीद की पार्थिव देह के साथ अखनूर से आए जेसीओ अश्विन कुमार मिश्रा एवं हीरालाल भी गांव पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए सहायता राशि का चेक सौंपा। सैन्य अधिकारियों ने परिवार को ढांढ़स बंधाया।
Updated on:
8 May 2026, 9:20 PM IST
Published on:
8 May 2026, 9:20 PM IST
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