
अग्निवीर युवराज सिंह। फाइल फोटो- पत्रिका
ब्यावर। जम्मू के अखनूर सेक्टर में तैनात लगेतखेड़ा निवासी अग्निवीर युवराज सिंह की तैनाती के दौरान मृत्यु हो गई। इसकी जानकारी गांव में पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त हो गया। युवराज सिंगल कोर 10 रेपिड 130 ब्रिगेड में तैनात थे। पिता प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह ही युवराज से उनकी बात हुई थी। तब तक सब कुछ सामान्य था। घरवालों को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
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युवराज अखनूर क्षेत्र में सेवारत थे। उनकी मृत्यु की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सक्रियता दिखाई। तहसीलदार हनुतसिंह लगेतखेड़ा पहुंचकर परिवारजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी और हर कोई परिवार को सांत्वना देता नजर आया। परिजन तुरंत अखनूर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां से पार्थिव देह को लाने की प्रक्रिया चल रही है। युवराज की पार्थिव देह गुरुवार को ब्यावर पहुंचने की सूचना है, जिसके बाद पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार युवराज सिंह की शादी को लेकर परिवार में बातचीत चल रही थी और घर में खुशियों का माहौल था। परिजन आने वाले समय की योजनाएं बना रहे थे, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया। गांव में हर तरफ शोक की लहर है और लोगों के चेहरे पर गहरा दुख दिखाई दे रहा है।
युवराज अपने साहस, अनुशासन और जोश के लिए जाने जाते थे। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले उत्तराखंड में उन्होंने 657 फीट ऊंचाई से छलांग लगाकर बहादुरी का परिचय दिया था, जिससे वे अपने साथियों और गांव के युवाओं के बीच प्रेरणा बन गए थे।
जानकारी के अनुसार युवराज सिंह की पार्थिव देह के पहुंचने पर पैतृक गांव लगेतखेड़ा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा पीपलाज टोल से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गांव पहुंचेगी। इस दौरान रास्ते में कई स्थानों पर लोगों की ओर से पुष्पवर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रशासन और पुलिस भी व्यवस्था में सहयोग करेंगे ताकि अंतिम यात्रा शांतिपूर्वक और सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सके।
युवराज सिंह का फरवरी 2022 में अग्निवीर के रूप में चयन हुआ था। इसके बाद उनकी जबलपुर, गोवा और पठानकोट सहित विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में तैनाती रही। वर्तमान में वह जम्मू के अखनूर सेक्टर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कम समय में ही उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से पहचान बनाई थी। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है।
Updated on:
6 May 2026, 9:13 PM IST
Published on:
6 May 2026, 9:13 PM IST
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