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जापान में वैदिक साइंस सेमिनार में विशेष अतिथि बनेंगे पुष्पेन्द्र कुमावत, राजस्थान का बढ़ाया मान

राजस्थान के लिए गर्व की बात है कि प्रसिद्ध वास्तुविद् पुष्पेन्द्र कुमावत को जापान की राजधानी टोकियो में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय भारतीय वैदिक साइंस सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

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Pushpendra Kumawat

फोटो पत्रिका नेटवर्क

ब्यावर। राजस्थान के लिए गर्व की बात है कि प्रसिद्ध वास्तुविद् पुष्पेन्द्र कुमावत को जापान की राजधानी टोकियो में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय भारतीय वैदिक साइंस सेमिनार में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सेमिनार 22 से 31 मई तक आयोजित होगा, जिसमें विश्वभर से वास्तुशास्त्र, ज्योतिष और वैदिक विज्ञान के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस सम्मेलन में भारत से करीब 60 विद्वानों का प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा, जिसमें पुष्पेन्द्र कुमावत राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र विशेषज्ञ होंगे।

ब्यावर जैसे शहर से जुड़े कुमावत का इस स्तर पर चयन होना न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष डॉ. अरुण के. बंसल ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का मुख्य उद्देश्य भारतीय वैदिक विज्ञान, वास्तुशास्त्र और ज्योतिष को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में भी वैदिक ज्ञान की प्रासंगिकता बनी हुई है और इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत करना जरूरी है।

सेमिनार की निदेशक आभा बंसल के अनुसार, सम्मेलन में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर भी विशेष चर्चा होगी। खासतौर पर पश्चिम एशिया में चल रही अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का वैदिक विज्ञान के आधार पर विश्लेषण किया जाएगा। इसके साथ ही भारत और उसके पड़ोसी देशों के संबंधों पर भी विचार-विमर्श होगा।

उन्होंने बताया कि आज कई विदेशी देशों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति तेजी से रुचि बढ़ रही है। इसी विषय पर विभिन्न देशों के विशेषज्ञ अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे और वैदिक विज्ञान की उपयोगिता को आधुनिक संदर्भों से जोड़कर समझाने का प्रयास करेंगे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल 22 मई की शाम नई दिल्ली से जापान के लिए रवाना होगा। सेमिनार के अलावा प्रतिभागियों को जापान के ऐतिहासिक स्थलों हिरोशिमा और नागासाकी का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि पुष्पेन्द्र कुमावत को इससे पहले भी 20 से अधिक देशों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2012 में उन्हें अमेरिका के ‘द व्हाइट हाउस’ में ‘भारत गौरव’ सम्मान और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था। यह उपलब्धि उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है।