
उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचे बच्चे। फोटो- पत्रिका
ब्यावर। नागोला कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को आयरन एवं फोलिक एसिड की गोली खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को पेट दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत होने पर स्कूल स्टाफ ने तुरंत उन्हें राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के तहत कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को आयरन की गोलियां वितरित की गई थीं। बताया गया कि कुछ बच्चों ने सुबह भोजन नहीं किया था और उन्हें खाली पेट 250 एमजी आयरन की गोली दे दी गई। गोली खाने के कुछ समय बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को पेट दर्द तो किसी को चक्कर और उल्टी की शिकायत हुई।
इसके बाद स्कूल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए बीमार बच्चों को तुरंत चिकित्सालय पहुंचाया। चिकित्सकों ने सभी बच्चों की जांच कर उपचार किया। करीब आधे घंटे बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हो गई। चिकित्सकों ने बच्चों को आराम करने और समय पर भोजन करने की सलाह दी। घटना की सूचना मिलने के बाद अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए थे। बच्चों की हालत सामान्य होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी और निजी विद्यालयों में 5 से 19 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियां दी जाती हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में एनीमिया यानी रक्ताल्पता की रोकथाम करना है। विभाग के अनुसार इन सप्लीमेंट से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है और शरीर में खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है।
आयरन व फोलिक एसिड की गोलियां बच्चों में रक्ताल्पता और विटामिन की कमी दूर करने के लिए दी जाती हैं तथा सामान्य रूप से इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ बच्चों ने भोजन नहीं किया था। अत्यधिक गर्मी और खाली पेट दवा लेने के कारण बच्चों को परेशानी हुई। सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार करके छुट्टी दे दी गई।
Updated on:
16 May 2026 06:45 pm
Published on:
16 May 2026 06:44 pm
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