
ट्रैक्टर पर दुल्हन लेने गया दूल्हा (फोटो: पत्रिका)
Groom On Tractor: झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी के भोड़की गांव की महला की ढाणी में एक अनोखी शादी देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया। यहां दूल्हा राजेंद्र महला अपनी दुल्हन को लेने के लिए किसी कार या घोड़ी पर नहीं बल्कि ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचा। सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा खुद ट्रैक्टर चलाकर बारात लेकर गया जिसे देखकर दुल्हन समेत सभी लोग हैरान रह गए।
राजेंद्र महला की बारात पूरी तरह ट्रैक्टरों के काफिले में निकली, जिसमें करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ट्रैक्टर शामिल थे। लगभग 130 बाराती इस अनोखी बारात का हिस्सा बने। ट्रैक्टरों पर सजी बारात जब गांव से रवाना हुई तो लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ पड़ी। रास्ते भर यह बारात आकर्षण का केंद्र बनी रही।
यह शादी महला की ढाणी निवासी भारमल महला के बेटे राजेंद्र की है, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। बारात भड़ौंदा खुर्द पहुंची, जहां दूल्हा राजेंद्र का अनोखा अंदाज लोगों के लिए यादगार बन गया। ट्रैक्टरों पर निकली यह शादी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
आधुनिकता के इस दौर में जहां शादी के निमंत्रण पत्रों में आकर्षक डिजाइन और अंग्रेजी शब्दों का चलन बढ़ता जा रहा है वहीं श्रीमाधोपुर क्षेत्र के एक संस्कृत शिक्षक ने अपनी शादी का निमंत्रण पत्र संस्कृत भाषा में छपवाकर अनोखी मिसाल पेश की है। ये कार्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ।
श्रीमाधोपुर के नालोट संस्कृत विद्यालय में कार्यरत सरकारी शिक्षक रलावता निवासी दौलतराम शर्मा ने अपनी शादी का कार्ड पूरी तरह संस्कृत भाषा में तैयार करवाया है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य संस्कृत भाषा के प्रति सम्मान बढ़ाना और लोगों को इससे जोड़ना है। उनका कहना है कि भाषा हमारी संस्कृति की पहचान है और इसे दैनिक जीवन में अपनाना जरूरी है। विवाह समारोह के निमंत्रण पत्र में सभी कार्यक्रमों का उल्लेख संस्कृत में किया गया है, जैसे विनायक स्थापनम:, वरयात्रा प्रस्थान:, पाणिग्रहण संस्कार और प्रीतिभोजनम:। वहीं अतिथियों के स्वागत के लिए निमंत्रणस्थलम:, स्वागतोत्सुक:, मातामहपक्ष: और जामातार: जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। ये अनोखा कार्ड लोगों को खूब पसंद आ रहा है और क्षेत्र में इसकी सराहना हो रही है। शेखावाटी में पहले से ही राजस्थानी भाषा में छपने वाले शादी के कार्ड, जिन्हें ‘कुंकुं पतरी’ कहा जाता है, लोकप्रिय हैं।
Updated on:
19 May 2026 01:20 pm
Published on:
19 May 2026 01:20 pm
