
राजस्थान से गुजरात तक अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क, फोटो एआइ
Illegal Liquor Network: राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र इन दिनों शराब तस्करों के लिए बड़े ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है। झुंझुनूं, चूरू और सीकर के विभिन्न मार्गों से करोड़ों रुपए की अवैध शराब गुजरात पहुंचाई जा रही है। तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर पुलिस और आबकारी विभाग को चुनौती दे रहे हैं। अब छोटी और लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल भी तस्करी में होने लगा है।
दरअसल, गुजरात में लंबे समय से शराबबंदी लागू है। वहां शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होने के कारण तस्करों ने इसे बड़े अवैध कारोबार में बदल दिया है। हरियाणा और पंजाब से शराब लाकर शेखावाटी के रास्ते गुजरात तक पहुंचाई जा रही है। पिछले दो वर्षों में पुलिस और आबकारी विभाग ने कई जगह कार्रवाई कर करोड़ों रुपए की शराब जब्त की, लेकिन तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय बना हुआ है। हरियाणा से गुजरात तक शेखावाटी से होकर गुजरने वाले करीब 700 किलोमीटर लंबे इस अवैध नेटवर्क को रोकना पुलिस और आबकारी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारतमाला और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का उपयोग भी तस्करी के लिए किया जा रहा है।
केस-01
हाल ही में 13 मई को चिड़ावा में पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार से करीब 47 पेटी अवैध शराब जब्त की। शराब से भरी कार को दूसरी गाड़ी एस्कॉर्ट कर रही थी। करीब पांच लाख रुपए की शराब गुजरात ले जाई जा रही थी।
केस-02
अगस्त 2025 में सीकर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान सीमेंट टैंकर में छिपाकर ले जाई जा रही करीब 80 लाख रुपए की अवैध शराब पकड़ी। तस्करों ने टैंकर में करीब 800 पेटियां छिपा रखी थीं। कुछ माह पहले झुंझुनूं में भी करीब 33 लाख रुपए की अवैध शराब पकड़ी गई थी।
केस-03
सितंबर 2025 में सीकर के अजीतगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने डाक पार्सल कंटेनर से करीब 33 लाख रुपए की अवैध शराब जब्त की थी। तस्कर पुलिस से बचने के लिए पार्सल कंटेनर का उपयोग कर रहे थे, लेकिन शक होने पर पुलिस ने जांच कर शराब बरामद कर ली।
रूट-01 : चूरू से सिरोही होते गुजरात
हरियाणा बॉर्डर से चूरू के राजगढ़ में प्रवेश कर रतनगढ़, सरदारशहर, कुचामन, अजमेर, पाली और सिरोही होते हुए गुजरात पहुंचा जाता है। इस मार्ग की दूरी करीब 700 किलोमीटर है।
रूट-02 : चूरू-सीकर मार्ग
राजगढ़ से चूरू, रामगढ़ शेखावाटी, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, डीडवाना, मेड़ता और सिरोही होते हुए गुजरात तक तस्करी की जाती है।
रूट-03 : झुंझुनूं-सीकर-अजमेर मार्ग
हरियाणा से सूरजगढ़ क्षेत्र में प्रवेश कर झुंझुनूं, सीकर, कुचामन, मकराना और सिरोही के रास्ते गुजरात पहुंचा जाता है। इसके अलावा चूरू, बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर मार्ग से भी तस्करी हो रही है।
सूत्रों के अनुसार तस्कर पुलिस से बचने के लिए सीमेंट टैंकर, ऑयल टैंकर, चूरी-खळ तथा अनाज से भरे वाहनों की आड़ लेते हैं। कई मामलों में चोरी की गाड़ियों का उपयोग भी किया जाता है।
तस्करी में शामिल वाहन के आगे दूसरी गाड़ी चलती है, जो पुलिस और आबकारी विभाग की गतिविधियों पर नजर रखती है। यह एस्कॉर्ट वाहन रास्ते में नाकाबंदी और जांच की सूचना लगातार पहुंचाते रहते हैं।
तस्कर आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। निर्धारित दूरी के बाद ड्राइवर बदल दिए जाते हैं। वाहनों की नंबर प्लेट बदली जाती है और लोकेशन ट्रैकिंग के लिए जीपीएस सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
Updated on:
26 May 2026 12:42 pm
Published on:
18 May 2026 07:52 am
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