
यहां बनना था नया बाईपास। फोटो: पत्रिका
सीकर। रामू का बास से कुडली स्टैण्ड तक बनने वाले बाईपास के अटकने के बाद सियासत भी तेज हो गई है। एक तरफ पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड इलाके की कॉलोनियों के लोगों की ओर से बाईपास को मंजूरी देने की मांग उठाई जा रही है।
वहीं, कई किसान संगठनों ने बाईपास रद्द करने के फैसले को किसानों के हित में बताया है। लोगों का कहना है कि रामू का बास से कुड़ली स्टैण्ड तक बनने वाले बाईपास को सरकार ने नॉन फिजिबल की श्रेणी में तो मान लिया लेकिन शहरवासियों को राहत देने का कोई प्लान नहीं बताया है।
इस मामले में स्थानीय लोगों ने सरकार ने इस फैसले को दोबारा रिव्यू करने के लिए भी कहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि सरकार की ओर से इस बाईपास के बाद नया प्लान बताना चाहिए जिससे लोगों का गुस्सा शांत हो सके।
1. मुआवजा और निर्माण का बजट दें सरकार: रामू का बास से कुड़ली स्टैण्ड तक बनने वाले बाईपास को सरकार ने नॉन फिजिबल की श्रेणी में मानने के पीछे एक वजह वित्तिय भार भी है। सरकार की ओर से यदि जमीन अधिग्रहन वाले किसानों को मुआवजा या जमीन और बाईपास निर्माण का खर्चा खुद उठाए तो शहरवासियों को राहत मिल सकती है।
2. बाजौर से पिपराली मार्ग: बाजौर से पिपराली और पिपराली से कटराथल मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर विकसित करती है तो झुंझुनूं आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि इस नवाचार से झुंझुनूं के लोगों को तो राहत मिल सकती है, लेकिन पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड के लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा।
3. इसलिए जरूरी है राहत का विकल्प: एज्युकेशन जोन का सबसे दवाब जयपुर-झुंझुनूं बाईपास पर है। पिपराली चौराहा, आरटीओ ऑफिस आदि क्षेत्रों में आए दिन जाम लगा रहता है। लोगों को दासा की ढाणी पर पुलिया बनने के बाद भी पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि यदि बाईपास बनती है इलाके की 200 से अधिक कॉलोनियों के लोगों को फायदा मिल सकता है।
सरकार की ओर से शिक्षानगरी के लोगों की उम्मीदों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। पहले सीकर संभाग का हक छीना गया। इसके बाद मास्टर प्लान को अटका दिया गया। अब सरकार ने बाईपास को अटका दिया। यदि सरकार ने जल्द इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी तो लोगों की ओर से सबक सिखाने का काम किया जाएगा।
-विकास मूण्ड, निवृत्तमान, उप प्रधान, पिपराली
रिंग रोड की आवश्यकता कई साल से महसूस की जा रही है। बाईपास पर यातायात का दवाब बढ़ रहा है, जाम के हालात बने रहते हैं। यदि सरकार की ओर से कुड़ली बाईपास को रद्द किया जाता है तो लोगों को फतेहपुर रोड से नवलगढ़ रोड को जोड़ने वाले बाईपास का भी क्या फायदा मिलेगा।
-हंसराज, प्रदेश महासचिव, यूथ कांग्रेस
Published on:
04 May 2026 09:20 am
