अनफिट वाहन दौड रहे सड़कों पर : यह वाहन क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे, आए दिन हो रहे हादसे, इसके बावजूद प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान, अनफिट वाहन का नहीं लेखा-जोखा
ब्यावर. आए दिन हादसे होने के बावजूद सड़कों पर अनफिट वाहन धडल्ले से दौड रहे है। सालों पुराने वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही के साधन नहीं होने से पुराने व कंडम वाहनों में बैठकर यात्रा करनी पड़ रही है। हालात यह है कि लोग जीप व टेम्पों की छत पर बैठने को मजबूर है। यह वाहन सड़क पर चलने के लिए फीट भी है या नहीं। इसकी कोई जांच करने वाले तक नहीं है। जिला परिवहन कार्यालय में सड़क पर दौड रहे अनफीट वाहनों का अलग से कोई लेखा-जोखा तक नहीं है। शहर से जुड़े मिल रोड, कोटडा-काबरा रोड, मसूदा रोड, बिजयनगर मार्ग, भीम मार्ग, सेंदडा रोड, देलवाड़ा रोड सहित अन्य मार्गो पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ले जा रहे है। यहां चलने वाले कई वाहन कंडम की स्थिति में है। इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि यह वाहन जहां से सवारिया बैठाते है। वहां पर दिनभर यातायात पुलिस रहती है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे है।हर दिन हो रहा एक हादसाब्यावर-गोमती राजमार्ग पर हर दिन हादसा हो रहा है। जनवरी माह में ब्यावर से दिवेर तक करीब तीस लोगों की दुर्घटना में जान चली गई। फरवरी माह में भी हर दिन कोई न कोई हादसा हुआ। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इन हादसों को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
फिर एक युवा की टूटी सांस...
ब्यावर-गोमती राजमार्ग पर कोठिया चौराहा के पास डम्पर ने मोटरसाइकिल के टक्कर मार दी। इससे मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मृत्यु हो गई। जबकि एक युवक घायल हो गया। घायल युवक को अमृतकौर चिकित्सालय में भर्ती कराया है। जवाजा थाना पुलिस के दीवान बाबूलाल ने बताया कि बामनहेडा निवासी सुरेन्द्रसिंह व खोडमाल निवासी विवेकसिंह मोटरसाइकिल पर ब्यावर से जवाजा की ओर जा रहे थे। इस दौरान कोठिया चौराहा पर एकाएक सामने आए डम्पर ने मोटरसाइकिल के टक्कर मार दी। इससे मोटरसाइकिल सवार सुरेन्द्रसिंह की मृत्यु हो गई। जबकि विवेकसिंह घायल हो गया।
दो दिन पहले ही बाल-बाल बची 40 सवारियां
ब्यावर-किशनगढ़ सिक्सलेन व ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन के बीच में कुछ हिस्सा अब भी पेड शोल्डर ही है। जबकि सिक्सलेन व फोरलेन को जोडऩे वाला यहीं हिस्सा है। यहां पर यातायात का दबाव रहता है। वाहन भी तेज गति से आते है। इससे आए दिन हादसे होने की आशंका बनी रहती है। दो दिन पहले भी मोटरसाइकिल को बचाने के लिए रोडवेज बस चालक ने बे्रक लगाए। इस दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने रोडवेज के टक्कर मार दी। इससे रोडवेज में सवार करीब छह सवारियां चोटिल हो गई। जबकि बुधवार शाम को ही सोलह मिल चौराहा के पास ट्रक ने मोटरसाइकिल के टक्कर मार दी। इससे मोटरसाइकिल सवार दो जने घायल हो गए।
पंजीकृत वाहन : एक नजर
दुपहिया वाहन 1 लाख 21 हजार 374कार 13 हजार 962
टैक्सी व जीप एक हजार 299
तिपहिया वाहन एक हजार 683ट्रक 3 हजार 947
डम्पर 443
बस 363
ट्रेक्टर 4 हजार 154
अन्य 2 हजार 832
(आंकड़े जिला परिवहन कार्यालय ब्यावर के )
कंडम बसें भी दौड़ रही सरपट
आगार की कई बसे कंडम होने की स्थिति में है। ऐसी बसे भी राजमार्ग पर दौड रही है। जबकि इन बसों में आए दिन खराबी आने की समस्या रहती है। ब्यावर आगार की भी करीब छह बसें कंडम हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक यह बसें संचालित हो रही है। जबकि प्राइवेट बसे भी कंडम होने के बावजूद कमाने के लालच में लोगों की जान सांसत में डालकर चला रहे है।
पांच हजार का लगता है जुर्माना
जिला परिवहन अधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया कि वाहनों की जांच कर फिटनेस नहीं करवाने वाले वाहनों की पांच हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाता है। अनफिट वाहन सड़कों पर नहीं दौड़े, इसके लिए समय-समय पर जांच की जाती है।