
ब्यावर (अजमेर).
अगर आप ब्यावर की सड़कों पर चहलकदमी कर रहे हैं तो नजर पांव के नीचे रखने की जरूरत है। इधर आपका नजर चूकी और उधर आप गए गड्ढे में। यहां पग-पग पर गड्ढे हादसों को न्योत रहे हैं। मानसून से पहले नालों की सफाई करने एवं खुले नाले व टूटे फेरो कवर को दुरुस्त किए जाने हैं।
इसको लेकर स्वायत शासन विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 15 जून तक सभी नालों की सफाई, गड्ढों को दुरुस्त करने एवं फेरो कवर नए लगाए जाने हैं। इसकी पालना को लेकर नगर परिषद प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस समयावधि में महज दो सप्ताह ही बचे हैं।
इसके बावजूद नालों की अब तक सफाई शुरू नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं जगह-जगह पड़े गड्ढों की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बरसात से पहले यह गड्ढे व फेरो कवर को दुरुस्त नहीं किया गया तो यह हादसे के कारण बनेंगे।
एक साल से नाला खुला
भगत चौराहा से डिग्गी मोहल्ला की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक साल से नाले का मुंह खुला पड़ा है। इसको ढकने को लेकर नगर परिषद के पास कोई कार्ययोजना नहीं है। जबकि डिग्गी मोहल्ला में बरसात के दौरान पानी का खासा दबाव रहता है। इसके चलते यहां पर पानी भरा रहता है। इसके बावजूद इस खुले नाले को सही करवाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बरसात में नहीं दिखेंगे गड्ढे
मेवाडी गेट सिटी डिस्पेंसरी के पास ही दो फेरो कवर खुले पड़़े हैं, जबकि शहर का व्यस्तम मार्ग है। प्रताप कॉलोनी, अमरी का बाडिया, हाउसिंग बोर्ड सहित नवविकसित कॉलोनी के क्षेत्रवासियों का बाजार आने का मुख्य मार्ग यहीं है। शहर की कई कॉलोनियों का पानी इन नालों में होकर बिचड़ली की ओर जाता है।
बरसात में यहां पर पानी भरने पर यह गड्ढे दिखाई नहीं देंगे। इससे हादसा होने की आशंका बनी है। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
एम्बुलेंस की आवाजाही, फिर भी अनदेखी
अस्पताल मार्ग पर निकल रहे नाले के ऊपर क्षतिग्रस्त फेरो ब्लॉक को हाल ही दुरुस्त कराया गया। निर्माण कार्य सही नहीं होने से यह वापस क्षतिग्रस्त हो गया है। जबकि इस मार्ग पर आवागमन का दबाव रहता है। दिनभर एम्बुलेंस की आवाजाही लगी रहती है। इसके बावजूद प्रशासन इसको दुरुस्त कराने की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।