गांव के भूमिगत पानी में दाल नहीं गलने की वजह से ग्रामीण पानी टंकी में चढ़कर पानी निकालने को मजबूर हैं।
गांव के पानी में दाल नहीं गलता
शनिवार को बदनारा के निकट ग्राम चमारी में बच्चे डिब्बा लेकर पानी की टंकी में चढक़र कैप निकालकर पानी निकालने के लिए कतार में थे। पूछने पर जवाब मिला कि गांव के पानी में दाल नहीं गलता। टंकी में नदी का पानी आता है। यह आज आपूर्ति नहीं किया तो पानी निकालने आ गए। ग्राम चमारी की स्थिति यह बताने के लिए पर्याप्त है कि नल-जल योजना का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है तथा निगरानी भी नहीं हो रही है।
निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं
नवागढ़ ब्लॉक में खारा पानी प्रभावित गांवों को शुद्ध पेयजल देने के लिए सहकारिता मंत्री डीडी बघेल के प्रयास से नल-जल योजना लागू की गई। ब्लॉक की आधी आबादी के लिए यह योजना बनी है पर यह दीर्घकाल तक सेवा देगी, यह सोचना एक भ्रम है, क्योंकि निर्माण गुणवत्ता ठीक नहीं है। नवागढ़ से लेकर लगभग सभी जगह शुरू करने के पहले मरम्मत शुरू की गई है। ज्यादातर स्थानों में बेस कार्य धंसने लगा है। ग्राम झांकी में तो जमीन में बेस एक फीट नीचे धंसकना प्रमाण है। प्लेटफॉर्म ठीक नहीं बनाए गए हैं। प्लास्टिक की टोटी लगा दी गई है। अंधियारखोर में केवल रंगरोगन कर दिया गया है।
नहीं मिलेगा पानी
नांदघाट एनीकट के पास इंटकवेल लंबे समय तक साथ नहीं देगा। जलसंसाधन विभाग के ईई बीपी सिंह ने बताया कि एनीकट का रिसाव बंद नहीं होगा। पीएचई को जगह बदलना पड़ेगा। एक या दो साल में असर दिखेगा।