ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों का चालान काटने में आगे निकल गई, पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में अभी भी पीछे रह गई है।
बेमेतरा. ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों का चालान काटने में आगे निकल गई, पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में अभी भी पीछे रह गई है। बीते साल में ट्रैफिक पुलिस ने 9,929 चालान काटकर 24 लाख 82 हजार 900 रुपए लोगों से वसूल किया, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए आज तक कोई पहल नहीं की। जबकि जिले में दुर्घटनाओं का आंकड़ा भी काफी बढ़ गया है।
ट्रैफिक पुलिस केवल चालान वसूल करना प्रमुख जिम्मेदारी मानते हुए मात्र वसूली में ही मशगूल है, लोगों की जान जा रही है तो भी इनका दिल नहीं पसीज रहा। आज भी सड़कों पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े मिलते हैं। चौक-चौराहों पर भी भारी वाहन तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं। गति धीमी करने के लिए चौक-चौराहों के आसपास ब्रेकर नहीं बनाया गया है और न ही पुलिस ने स्टॉपर लगाया है, जिसके कारण भारी वाहन खूनी रफ्तार में दौड़ रहे हैं और जिलेवासी दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
हेलमेट पर छेड़ा अभियान पर बाद में भूले
छह महीने पहले ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया चालकों के खिलाफ हेलमेट अभियान चलाया था पर यह अभियान सफल नहीं हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने भी अभियान के बाद कड़ाई करना छोड़ दिया है। नतीजतन दोपहिया वाहन चालक फिर से खुले में वाहन दौड़ा रहे हैं।
जिससे महीनेभर में सड़क हादसे में दर्जनभर लोगों की जान जा चुकी है। ट्रैफिक पुलिस में बल की भले ही कमी हो या यातायात सुधारने में भले ही पीछे रह गए हों लेकिन जब चालान काटना हो तो कम बल में भी व्यवस्थित ढंग से काम हो जाता है।
जहां बकायदा फील्डिंग जमाकर दोपहिया वाहन चालकों को रोका और पकड़ा जाता है। ताकि वह कहीं से भी भाग न सके। इधर यातायात प्रभारी कार्तिकराम साहू का कहना है कि नियम तोडऩे वाले पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता लाने के साथ-साथ मालवाहक वाहनों में चालकों द्वारा क्षमता से अधिक माल ढोने पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में पार्किंग स्थल न होना समस्या का मूल कारण है।
मार्ग में वाहनों का मजमा
शहर में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह बेतरतीब ढंग से वाहन चालकों द्वारा वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। जिससे सड़कों पर वाहनों का मजमा लगे होने के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्पीड बाईकर बने चुनौती
शहर के मार्गों में तेज रफ्तार में दौड़ रहे मोटर साइकिल सवार इन दिनों पुलिस के लिए चुनौती बन चुके हैं। जिस पर रोक लगाने के लिए अब तक पुलिस द्वारा किसी प्रकार का प्रयास नहीं किया गया है। प्रेशर हार्न को लेकर अर्से से कार्रवाई नहीं की गई है। ज्यादातर दुर्घटनाएं सड़क पर वाहनों की स्पीड अधिक होने की वजह से हो रही है। यही नहीं कुछ स्पीड बाईकर असामाजिक गतिविधियों जैसे चैन स्नेचिंग, लूट आदि घटनाओं को भी अंजाम देते हैं।