बेमेतरा

बेमेतरा में छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न, भारत के सबसे ऊँचे 140 फीट बैम्बू टावर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण

Nov 15, 2025
बेमेतरा में छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न, भारत के सबसे ऊँचे 140 फीट बैम्बू टावर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण
बेमेतरा बना राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र (Photo CG DPR)

रायपुर। बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।

मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, दिया विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।

कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Updated on:
15 Nov 2025 11:50 am
Published on:
15 Nov 2025 11:50 am