उमरिया-छिरहा मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए खोदे गए गए गड्ढे में हुए हादसे के बाद ढाई महीने तक चला उपचार फिर भी नहीं बची जान
बेमेतरा. अधूरा निर्माण कर छोड़ गए गड्ढे में गिरकर युवक की मौत होने के मामले में दाढ़ी थाना में ठेका कंपनी के खिलाफ धारा 304 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जिले में पहली बार हादसे का कारण बने निर्माण कंपनी पर प्रकरण दर्ज किया गया है। थाने से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक गेंदलाल पिता मोहरदास डहरिया (31 साल) निवासी सूखाताल 23 नवंबर 2017 को निर्माणाधीन पुलिस पर बाइक से गिरा गया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक के बड़े भाई गितेश की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आया उसके अनुसार, घटना के दिन मृतक गेंदलाल डहरिया दाढ़ी से वापस घर ग्राम सूखाताल मोटर साइकिल से जाते समय विद्युत सब-स्टेशन आगे उमरिया से छिरहा रोड पर पुलिया निर्माण के लिए खोदे गये गड्ढे में गिरकर घायल हो गया था, जिसके बाद उपचार के लिए मेकाहारा, रायपुर में भर्ती किया गया था, जहां 2 फरवरी 2018 को घायल की मौत हो गई थी।
ठेकेदार ने गड्ढा कर छोड़ दिया था
जांच में पाया गया कि सडक निर्माण कंपनी ब्लेक बोन उत्कल, रायपुर के ठेकेदार ने सड़क निर्माण के दौरान पुलिया के लिए खोदे गये गड्ढे के समीप कोई सूचना, संकेत, चेतावनी, घेरा नहीं लगाते हुए घोर लापरवाहीपूर्वक उपेक्षापूर्ण कार्य किया, जिससे गेंदलाल डहरिया गड्ढे में गिर गया और बाद में मौत हो गई। इसमें ठेका कंपनी ब्लेक बोन उत्कल जेवी 10 रायपुर की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद उसके खिलाफ धारा 304 ए भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। मेकाहारा, रायपुर से पीएम रिपोर्ट देर से प्रकरण दर्ज करने में विलंब हुआ है।
संकेतक न होने से पहले भी हुई है मौत
दाढ़ी थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण करने वाली ठेका ठेकेदार की लापरवाही से मोटरसाइकिल सवार की मौत का मामला जिले में पहला नहीं है। इसके पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, जिसमें थानखम्हरिया थाना क्षेत्र में ऐसी ही घटना घटित हो चुकी है, जिसमें बेमेतरा-खम्हरिया मार्ग पर टिपनी नाला पर निर्माणधीन पुलिया में गिरकर एक बाइक सवार की मौके पर हो गई थी, वहीं दूसरे सवार की आंख निकल गई थी। यहां भी ठेकेदार ने निर्माण क्षेत्र में किसी प्रकार को कोई बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया था, जिससे बाइक सवार समय रहते सावधान हो सकें।
क्षतिपूर्ति का हकदार
अधिवक्ता विजय पांडे ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान अगर संकेतकों का उपयोग नहीं किया जाता है, तो संबधित ठेके कंपनी (ठेकेदार) पर लापरवाहीपूर्वक निर्माण कार्य करने से संबधित प्रकरण दर्ज हो सकता है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में धारा 166 मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का दायी भी होगा।