महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नोटिस जारी किया है।
बेमेतरा. अपनी मांगों को लेकर 5 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के खिलाफ महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त रवैया अपनाते हुए आंगनबाड़ी संघ की जिला अध्यक्ष समेत 8 प्रमुख पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को नामजद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नहीं दिख रहा नोटिस का असर
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा की ओर से बुधवार को जारी नोटिस में 23 मार्च तक काम पर नहीं लौटने पर हड़ताल पर बैठी सहायिकाओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ बर्खास्तगी व अनुशासात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। लेकिन नोटिस का असर कार्यकर्ताओं पर पड़ते नजर नहीं आ रहा है। वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर हड़ताल में डटी हुई हैं।
सभी को जारी की जाएगी नोटिस
महिला बाल विकास विभाग ने जिले के सभी 1400 कार्यकर्ता व सहायिकाओं को काम पर नहीं लौटने पर प्रशासनिक कार्रवाई करने बाबत नोटिस जारी करने की तैयारी है। वहीं कार्रवाई के डर से अब तक जिले की 105 कार्यकर्ता व सहायिका काम पर वापस लौट गई हैं। लेकिन इस दावे को आंगनबाड़ी संघ ने भ्रामक करार दिया है।
3 बार दी चेतावनी रही बेअसर
विभाग व शासन-प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 बार नोटिस जारी कर काम पर लौटने चेतावनी दी जा चुकी है। लेकिन कार्यकर्ता अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर डटी हुई हैं। हालांकि, सरकार ने बजट में कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया है, लेकिन इसे कार्यकर्ता पर्याप्त नहीं मान रही हैं।
पोषण आहार से वंचित छोटे बच्चे
बीते 18 दिनों से अपनी 6 सूत्रीय मांगों को पूरा करने को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंगनबाड़ी में ताला लगाकर हड़ताल पर चली गई है, जिसके कारण बच्चों व गर्भवती माताओं को पूरक पोषण आहार नहीं मिल रहा है। वहीं विभागीय अधिकारी भी कार्यकर्ताओं के हड़ताल में चले जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे हैं।
इन कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी
विद्या जैन, ग्राम बरबसपुर नवागढ़ परियोजना, संतोष साहू, ग्राम भिमपुरी नवागढ़ परियोजना, ओजस्वी दुबे, वार्ड 15 बेमेतरा परियोजना बेमेतरा, लक्ष्मी देवांगन, बीजाभाठ बेमेतरा परियोजना, सविना बेगम, दाढ़ी 1 खण्डसरा परियोजना, चन्द्रा साहू, खण्डसरा 1 खण्डसरा परियोजना, दीपिका बंजारे, कुसमी 2 बेरला परियोजना, दुलौरिन निषाद, भालेसर 3 बेरला।