जिला अस्पताल में विशेषज्ञ की हुई स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर की नियुक्ति, पहले जटिल प्रसव की स्थिति में जिला अस्पताल से किया जाता था रायपुर रेफर।
बेमेतरा. जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली गर्भवतियों को सर्जरी की सुविधा मिलने लगी है। पहले जिला अस्पताल में जटिल प्रसव की स्थिति में रायपुर रेफर किया जाता रहा है। स्थिति को देखते हुए मांग किए जाने पर शासन की ओर से जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति कर दी गई है, जिसके बाद अब जटिल प्रकरण में ऑपरेशन कर प्रसव किया जाने लगा है।
बीजाभाट की गर्भवती महिला का ऑपरेशन के जरिए कराया सुरक्षित प्रसव
जिला अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार 30 अगस्त को प्रसव के लिए आई बीजाभाट की गर्भवती महिला पुष्पा यदु पति ओंकार यदु की स्थिति नार्मल डिलवरी के लायक नहीं थी, लिहाजा ऐसी स्थिति में परिजन की सहमति से ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को बचाया जा सका। सिविल सर्जन डॉ. एसके पाल के दिशा निर्देश में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. इंदिरा लकड़ा, इंचार्ज डॉ. निधि मेश्राम, एनेस्थीसिया डॉ जीएस ठाकुर, मेट्रन रेखा कविलास, ओटी अटेंडर रामजी वर्मा अन्य की टीम ने सफल ऑपरेशन कर प्रसव कराया।
निजी हास्पिटलों में भारी खर्च करना पड़ता था
बताना होगा कि जिला अस्पताल सहित जिले के किसी भी शासकीय अस्पतालों में ऑपरेशन कर प्रसव करने की सुविधा नहीं होने की स्थिति में गर्भवतियों को या तो रायपुर की ओर रुख करना पड़ता था, या फिर निजी अस्पताल में प्रसव कराना होता था। इसमें अधिक पैसा लगने के साथ-साथ जान जाने का जोखिम भी बना रहता था। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसके पाल ने बताया कि जिला अस्पताल में जटिल प्रकरण आने पर ऑपरेशन से प्रसव कराने की सुविधा मुहैया कराई गई है।
जिला अस्पताल में नि:शुल्क शुगर व एचबीएवनसी जांच
छत्तीसगढ़ सरकार और नोवार्टिस हेल्थकेयर समूह के संयुक्त तत्वावधान में जिला अस्पताल में प्रत्येक माह के चौथे सोमवार को ब्लड शुगर एवं एचबीए1सी जांच के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक शिविर आयोजित किया जा रहा है। 24 सितंबर को भी यह शिविर आयोजित किया जाएगा। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ एसके पाल ने बताया कि विशेष तौर पर मधुमेह के संभावित एवं इससे पीडि़त व्यक्तियों को जांच लाभ दिलाने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि निजी लैब में शुगर जांच शुल्क लगभग 100 रुपए और शासकीय शुल्क 35 रुपए है, वहीं एचबीएवनसी जांच का शुल्क 500 तक है। शिविर के माध्यम से प्रत्येक माह के चतुर्थ सोमवार को उक्त जांच नि:शुल्क किया जा रहा है।