
300 गौवंशों की मौत पर बवाल (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Politics: 300 गौवंशों की मौत के मामले में जिला युवा कांग्रेस ने नवागढ़ विधानसभा के ग्राम झिरिया से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं व गौ सेवा आयोग के प्रदेश अध्यक्ष की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। इस दौरान कांग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति निर्मित होने के साथ नौबत हाथपाई तक पहुंच गई।
उल्लेखनीय है कि ग्राम उसलापुर (झिरिया) स्थित वन विभाग की नर्सरी में हुई गौवंशों की दर्दनाक मौत के मामले को लेकर जनपद सदस्य दीपक दिनकर ने भूख हड़ताल के साथ 10 दिवसीय अनिश्चितकालीन हड़ताल की, बावजूद प्रशासन ने इस मामले के निराकरण की दिशा में कोई भी पहल नहीं की। नतीजतन जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में ग्राम झिरिया से प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई।
प्रदर्शन में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा, पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रांजल तिवारी ने शिरकत कर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए 150 से अधिक पुलिस जवान तैनात थे।
ग्राम झिरिया मे शव यात्रा निकालने के दौरान कांग्रेस व भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथपाई हो गई। विरोध करने पहुंचे भाजपा के कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी करने लगे। इससे नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ता भी नारेबाजी करने लगे। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बीच-बचाव करने मे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
शव यात्रा के पूर्व मंचीय कार्यक्रम को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। जनपद सदस्य दीपक दिनकर ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर स्तर पर इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है। बावजूद हमारे सार्थक प्रयास के कारण वे विफल रहे। हमारे आंदोलन को झिरिया सहित आस पास के दर्जनों गांव के ग्रामीणों का समर्थन मिला है। महीनों बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर सें झिरिया मे हो रहे गौवंशों की मौत के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। इन गौवंशों की मौत भूख और प्यास की वजह से हुई है इसलिए रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।
भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह उनका अंतिम कार्यकाल है। गौवंशों की मौत पर उनकी अनदेखी निंदनीय है। भाजपा गौ माता के नाम पर वोट मांगती है लेकिन राज्य सरकार अहंकार मे डूबी हुई है इसलिए उन्हें गौवंशों की हत्या दिखाई नहीं दे रही।
करीब 6 माह पूर्व उसलापुर (झिरिया) वन विभाग नर्सरी मे गौवंशो की मौत और बंदेलीन गायों के व्यस्थापन को लेकर दर्जन भर गांव के ग्रामीणों ने जनपद सदस्य दीपक दिनकर के नेतृत्व मे आंदोलन शुरू किया। उस दौरान जिला प्रशासन ने मवेशियों के व्यवस्थापन और मौत के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं इसलिए फिर से आंदोलन शुरू किया गया है।
बहरहाल मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजनीति काफी तेज हो गई है। कांग्रेस भाजपा के ऊपर गौवंशों की मौत को लेकर हमलावर हो गई है। वहीं राज्य सरकार भी डिफेंडिंग मोड पर आ गई है। कांग्रेस इसे राज्य स्तर का मुद्दा बनाना चाह रही है।
गौवंश की मौत के मामले को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जिला स्तरीय टीम गठित की गई है, जिसमें बेमेतरा डिप्टी कलेक्टर, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग बेमेतरा शामिल है। इस जांच के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, इससे प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग ने पशु चिकित्सा विभाग को उसलापुर झिरिया) वन विभाग नर्सरी क्षेत्र के लगभग 260 बंदेलीन पशुओं के व्यवस्थापन करने के निर्देश दिए हैं। इन पशुओं को बेमेतरा और दुर्ग जिले के पांच प्रमुख गौधाम देवकर, राखी, चंदखुरी, नार्धा और बासिंग में भेजा जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए डॉ. पिंगला भट्ट और डॉ. ऋचा रावटे समेत पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है। नगर पालिका बेमेतरा और नगर पंचायत बेरला को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रांजल तिवारी ने जिला प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते हुए कहा कि उन्हें इस आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। बावजूद हम भाजपा सरकार के दमनकारी नीति के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं। यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान बेमेतरा तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा गौवंश के मौत के मामले मे जांच टीम गठित होने और मवेशियों के व्यस्थापन की सूचना लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे। इससे नाराज भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की पहल पूर्व में हुए प्रदर्शन के दौरान क्यों नहीं की गई।
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि हम सब गौमाता को न्याय दिलाने के लिए इकट्ठा हुए। गौ माता की हत्या का जो श्राप भाजपा को लगेगा, उससे आने वाले समय में भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया इसलिए हमको प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालनी पड़ रही है।
Updated on:
10 May 2026, 5:44 PM IST
Published on:
10 May 2026, 5:44 PM IST
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