बेमेतरा

डेंगू के मरीजों को मुफ्त में इलाज मुहैया कराने का दावा झूठा, तीन लाख खर्च हो गए पर नहीं बची गौरी की जान

भिलाई के निजी अस्पताल में इलाज कराने के 4 दिन बाद रामकृष्ण केयर अस्पताल रायपुर में 2 दिन इलाज चलने के बाद हो गई मौत

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डेंगू के मरीजों को मुफ्त में इलाज मुहैया कराने का दावा झूठा, तीन लाख खर्च हो गए पर नहीं बची गौरी की जान

बेमेतरा . शासन स्तर पर डेंगू पीडि़त मरीजों का उपचार शासकीय व निजी अस्पतालों में मुफ्त में किया जाना है लेकिन जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम अमोरा निवासी गौरी वर्मा (19) के परिजन को डेंगू का इलाज कराने के लिए लगभग 3 लाख रुपए खर्च करना पड़ गया। इसके बावजूद डॉक्टर गौरी को नहीं बचा सके। यह गंभीर मामला है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यही नहीं जिले में अब तक आए डेंगू के ज्यादातर मरीजों ने अपने खर्च पर ही इलाज कराया है। रिकार्ड के अनुसार जिले में अब तक 11 लोगों का उपचार जिले के बाहर किया गया हहै। जिसमें से आधे से अधिक लोगों ने निजी अस्पतालों में स्वयं के खर्च पर उपचार कराया है।
दो दिन का बिल बनाया 1 लाख 70 हजार रुपए
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गौरी की तबियत खराब होने पर बेमेतरा के निजी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। जहां पर खून व यूरीन की जांच रिपोर्ट में पीलिया होने की जानकारी दी गई। जहां से उपचार के लिए दवाई लेकर परिजन वापस चले गए। दवा खाने के बाद भी गौरी की तबियत बिगडऩे पर 16 अगस्त को भिलाई के भिलाई हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां पर 4 दिन तक युवती को भर्ती रखकर इलाज किया गया। लेकिन गौरी के स्वास्थ्य में सुधार होने की बजाय बिगड़ता देखकर 20 अगस्त को रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां पर इलाज के दौरान 22 अगस्त को युवती की मौत हो गई। हास्पिटल प्रबंधन ने दो दिन में 1 लाख 70 हजार रुपए का बिल थमा दिया। अस्पताल में युवती को पीलिया के साथ-साथ डेंगू होने की बात कही गई है।
इलाज की वजह से कर्ज में डूब गया परिवार
मृतक के भाई सुरेन्द्र वर्मा ने बताया कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में गौरी को डेंगू होने की जानकारी दी गई थी। परिजन ने बताया कि गौरी के इलाज में करीब 3 लाख रुपए का खर्च आया है, जिसके लिए उन्होंने कर्ज लिया है। इलाज के दौरान हॉस्पिटल प्रबधन द्वारा बिल बताया जाता था, जिसका वे भुगतान करते थे। रायपुर में 2 दिन के भीतर एक लाख 70 हजार रुपए खर्च हुआ है। बताया गया कि मृतक के परिजन की माली हालत ठीक नहीं है। इलाज कराने के बाद परिवार कर्ज में डूब चुका है। गौरी के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई भी हैं, जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर की लक्ष्मी खोने के साथ-साथ उन्हें भारी-भरकम आर्थिक क्षति भी पहुंची है। गौरी के निधन के बाद परिवार शोक में डूबा हुआ है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
अमोरा में फैला है पीलिया
अमोरा के ग्रामीणों ने बताया कि 1 माह पहले भरत निषाद पिता संतोष निषाद (16)की मौत भिलाई के एक निजी अस्पताल में हो गई थी। जिसका कारण पीलिया होना बताया गया है। जलजनित बीमारी होने के कारण गांव में पीलिया के कई हैं। जिला अस्पताल में भी पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड में जिले में 11 मरीज
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अब तक डेंगू के 11 मरीज मिले हैं। जिसमें से 3 मरीज ही जिला अस्पताल पहुंचे थे। शेष मरीज सीधे दीगर अस्पतालों में इलाज करा रहे थे। अब तक जिले में बेमेतरा शहर से 4 मरीज, साजा के ग्राम रौदा से एक, पतोरा से एक मरीज, देवकर से एक मरीज, बेरला के टाकम से एक मरीज, लाटा से एक, नवागढ से एक मरीज मिले हैं। जिले में मिल रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ विभाग भी सतर्क हो चुका है। गांवों में बचाव व रोकथाम के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश भी जारी कर दिया गया है।
दो नए मरीज मिले
शनिवार को जिले में फिर डेगू के दो संभावित मरीज मिले हैं। जिसमें एक नवागढ़ निवासी आयुष (21) व बेरला तहसील के ग्राम लाटा निवासी विनोद कुमार को डेंगू होने की जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची। जिसके बाद दोनों को जांच व इलाज के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। आयुष भिलाई में पढ़ रहा था।
डेंगू पीडि़तों के लिए जिला अस्पताल में अलग वार्ड बनाने के निर्देश
इस संबंध में कलक्टर महादेव कावरे ने कहा है कि जिले में एक डेंगू पीडि़ता की मौत की जानकारी मिली है। उसे पीलिया भी था। डेंगू से बचाव के लिए गांवों में जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है, जहां पर उपचार की व्यवस्था होगी। सीएचएमओ डॉ. एसके शर्मा ने कहा कि जिले की गौरी वर्मा की मौत डेंगू से होने की जानकारी मिली है। मृतका को पीलिया भी हुआ था। जिले में डेंगू के अन्य संभावित मरीजों के परिजन से संपर्क किया गया है। साथ ही रिपोर्ट के साथ जिला अस्पताल लाने के निर्देश संबधित बीएमओ को दिया गया है।

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Published on:
26 Aug 2018 06:10 am
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