
Chhaattisgarh Mid-Day Meal: बेमेतरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या शाला में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब खाने में नैफ्थलीन जैसी तेज और असामान्य गंध आने लगी। इस भोजन को खाने से छठवीं कक्षा की करीब 28 छात्राओं ने स्वास्थ्य में असहजता की शिकायत की। मामला सामने आते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत ऐहतियाती कदम उठाते हुए सभी छात्राओं को जिला अस्पताल पहुंचाया और अन्य कक्षाओं में भोजन का वितरण रोक दिया। घटना में रसोइये की लापरवाही की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। मामले में विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के समय सबसे पहले छठवीं कक्षा की छात्राओं को खाना परोसा गया था। खाना शुरू करते ही छात्राओं को उसमें से तेज रासायनिक गंध आई, जिसकी जानकारी तुरंत स्कूल के प्राचार्य को दी गई। इसके बाद आठवीं और अन्य कक्षाओं की छात्राओं को भोजन देने से मना कर दिया गया। जांच में यह भी पता चला कि खाना परोसने से पहले रसोइए ने भी भोजन चखा था और गंध महसूस की थी, लेकिन उसने समय रहते स्कूल प्रबंधन को इसकी सूचना नहीं दी।
प्रधान पाठक रामेश्वर बंजारे की सूचना पर 108 एंबुलेंस की मदद से छात्राओं और रसोइए को तुरंत बेमेतरा जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों के मुताबिक, किसी भी छात्रा को उल्टी या पेट दर्द की गंभीर शिकायत नहीं हुई। देर शाम तक प्राथमिक जांच और देखभाल के बाद सभी 28 छात्राओं को डिस्चार्ज कर दिया गया।
नैफ्थलीन की गोली भोजन में कैसे पहुंची, इसकी जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी में रसोइये के बच्चे द्वारा गोली से खेलने की बात सामने आई है, लेकिन विभागीय जांच पूरी होने तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि घटना में रसोइये की लापरवाही की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। मामले में विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।