Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में जिला प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व सीएम रमन सिंह ने कलेक्टर और एसपी को जमकर फटकार लगाई है..
Bemetara News: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल सामूहिक विवाह समारोह के दौरान आंधी-तूफान और बारिश के चलते कार्यक्रम में स्थल में अफरा-तफरी मच गई। मुख्य मंच का टेंट क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री के आशीर्वाद समारोह सहित लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
ऐसे में मुख्यमंत्री के बैठने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह भड़क उठे। ( Chhattisgarh news) मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में कलेक्टर, एसपी को नसीहत देते हुए जमकर फटकार लगाई। कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आज तक ऐसी लापरवाही नहीं देखी।
बीजेपी विधायक दीपेश साहू के सामूहिक शादी कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने लगातार तीन दिनों से तैयारी में जुटी थी। वहीं रविवार को एक बार आंधी तूफान के कहर के चलते कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। भारी बारिश के चलते रेस्ट हाउस में आयोजित संक्षिप्त समारोह में डॉ. रमन सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के कई सदस्य बेमेतरा में मौजूद थे, लेकिन जिला प्रशासन उनकी गरिमा के अनुरूप व्यवस्था नहीं कर पाया। डॉ. रमन सिंह ने कहा, “कलेक्टर और एसपी को मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि यह ठीक तरीका नहीं है। मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं और उनका पीछे से स्वागत किया जा रहा है। यह स्थिति प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े करती है।”
Chhattisgarh News: पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौसम खराब होने के बाद भी प्रशासन समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल के साथी यहां बैठे रहे, लेकिन प्रशासन ढाई घंटे तक कोई वैकल्पिक स्थान नहीं ढूंढ पाया। इतनी जानकारी भी शायद अधिकारियों को नहीं थी कि प्रदेश का पूरा नेतृत्व यहां मौजूद है।
डॉ. रमन सिंह ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 15 वर्षों तक प्रदेश की कमान संभाली, लेकिन इस तरह की अव्यवस्था कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा, “मैं 15 साल तक मुख्यमंत्री रहा, लेकिन इस तरह की व्यवस्था नहीं देखी। चलिए, अब वे सीख जाएंगे। यह नहीं होता तो शायद नहीं सीखते। मुझे जो कहना था, इसलिए मैंने कहा।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा विधायक दीपेश साहू रविवार को शादी के बंधन में बंध गए। उनके अलावा 24 जोड़े ने भी परिणय सूत्र में बंधे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी वर वधु को आशीर्वाद दिया। राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई वर्तमान विधायक वीआईपी कल्चर और फिजूलखर्ची से दूर रहकर इस तरह सरकारी योजना के मंच पर विवाह कर सादगी का मिसाल पेश किया। बता दें कि विधायक ने ड्राइवर की बेटी के साथ सात फेरे लिए।