बेमेतरा

Bemetara News: दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, मजदूरी और वाहन चलाकर परिवार पालते थे मनीष, घर में पसरा मातम

Manish Patil Death: जिस सांप को बचाने के लिए मनीष मौके पर पहुंचे थे, उसी के डसने से उनकी जिंदगी चली गई। वर्षों से नि:शुल्क स्नेक रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने वाले मनीष पाटिल की सर्पदंश से मौत हो गई।
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Sep 13, 2026
Manish Patil famous snake catcher from Bemetara
स्नेक रेस्क्यू के दौरान मशहूर स्नेक मनीष पा​टिल ( Photo - Patrika )

Snake Catcher Manish Patil Death: क्षेत्र में वर्षों से निस्वार्थ भाव से सांपों का रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने वाले नवागढ़ के स्नेक सेवर मनीष पाटिल (पिता नारायण पाटिल) की सर्पदंश से मौत हो गई। ग्राम मुरता में एक घर से जहरीले सांप का रेस्क्यू करने के दौरान उन्हें सांप ने डस लिया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। मनीष की समाजसेवा और साहस को देखते हुए उन्हें पूर्व में प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका था।

बताया जाता है कि वे बिना किसी शुल्क के सांपों का रेस्क्यू कर लोगों की मदद करते थे। जानकारी के मुताबिक सर्पदंश के बाद मनीष को तत्काल डायल-112 वाहन से नवागढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार और जरूरी इंजेक्शन देने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

डिब्बे में बंद करते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, ग्राम मुरता निवासी सियाराम साहू के घर में जहरीला सांप निकल आया था। सूचना मिलने पर मनीष मौके पर पहुंचे और सांप को पकड़ लिया। हालांकि, उसे प्लास्टिक के डिब्बे में सुरक्षित बंद करते समय सांप ने उनके हाथ पर डस लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रेस्क्यू के दौरान सांप के काटने का क्षण दिखाई दे रहा है।

आर्थिक तंगी के बीच करते थे जनसेवा

राम मंदिर क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाले मनीष मजदूरी और वाहन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद वे सांप पकडऩे के लिए कभी किसी से शुल्क नहीं लेते थे। क्षेत्र में कहीं भी सांप निकलने की सूचना मिलते ही मदद के लिए पहुंच जाते थे। मनीष अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी की उम्र करीब 5-6 वर्ष बताई जा रही है। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

मनीष से जुड़ी प्रमुख बातें

  • वर्षों से नि-शुल्क कर रहे थे स्नेक रेस्क्यू।
  • क्षेत्र में सैकड़ों सांपों को सुरक्षित पकडकऱ जंगल में छोड़ा।
  • समाजसेवा के लिए प्रशासन से सम्मानित हो चुके थे।

डॉ. एमएम राज, बीएमओ, नवागढ़ के मुताबिक, मरीज को रात करीब 1:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान करीब 20 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाए गए। स्थिति में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया।

Updated on:
13 Sept 2026 02:11 pm
Published on:
13 Sept 2026 02:11 pm