जिले में धान खरीदी को लेकर आने वाले दिनों में करीब 15 लाख बारदानों की और आवश्यकता है। समितियों को धान खरीदी के लिए बारदानों की आपूर्ति करने वाले जिला विपणन कार्यालय के स्टाक में बारदाना नहीं है। बताया गया कि जिले में धान खरीदी के लिए पहुंचे बारदानों को दुर्ग जिले में भेज दिया गया है। परिणाम स्वरूप जिला विपणन कार्यालय में बारदाना का स्टाक खत्म हो गया है। ऐसी स्थिति में धान खरीदी को लेकर समिति प्रमुखों द्वारा बारदाना की डिमांड करने पर, उपलब्धता नहीं होने से खरीदी प्रभावित होगी। नोडल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस खरीदी सत्र मे करीब 4 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। बीते स़त्र में जिले में 85 उपार्जन केन्द्रों में 3 लाख 97 हजार मी.टन धान की खरीदी हुई थी। जहां धान खरीदी के लिए करीब 99.50 लाख बारदानों का उपयोग हुआ था।
तीन हजार गठान बारदानों की आवश्यकता
लक्ष्य के विरूद्ध जिले में अब तक लगभग 2 लाख 80 हजार मी.टन धान की खरीदी हुई है। बताना होगा कि लक्ष्य 4 लाख मी.टन धान खरीदी के लिए करीब 20 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता है। मार्कफेड द्वारा जिले की समितियों को अब तक लगभग 17 हजार गठान बारदानों की सप्लाई कर चुका है। समितियों के पास आगामी कुछ दिनों तक खरीदी के लिए बारदाना है, लेकिन लंबे समय को लेकर व्यवस्था नही है। नोडल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी को लेकर समितियों को करीब 3 हजार गठान बारदानों की और आवश्यकता है। बारदानों की डिमांड से जिला विपणन कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। जंहा समय पर बारदाना आपूर्ति नहीं होने पर खरीदी प्रभावित होगी।
एक-दो दिन में पहुंचेगा 500 गठान बारदाना
जिला विपणन अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार लक्ष्य के विरूद्ध शत प्रतिशत धान खरीदी के लिए करीब 15 लाख बारदानों की आवश्यकता है। वर्तमान में धान खरीदी के लिए समितियोंं में पर्याप्त बारदाना हैं। एक-दो दिन में भाठापारा रेंक पाईंट से 500 गठान बारदान जिला मुख्यालय पहुंचने की बात कहीं जा रही है। जिले की धान खरीदी के लिए पहुचे बारदानों को दुर्ग भेजने के सवाल पर डीएमओ सिंह ने शासन के आदेश का हवाला दिया।
छिरहा में धान की बंपर आवक, बारदाना खत्म
नवागढ़ ब्लॉक के छिरहा धान खरीदी केंद्र में बारदाना संकट के चलते धान खरीदी प्रभावित हो रही है। ग्राम मजगांव के किसान संतोष साहू ने बताया कि नवागढ़ ब्रांच के तहत आने वाले ६ समितियों में केवल छिरहा समिति में धान की बंफर आवक है। यहां यदि बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसान परेशान होंगे। साहू ने बताया कि पूर्व के वर्षों में परिवहन के नाम पर छिरहा के साथ सौतेला व्यवहार किया गया था। जिसका खामियाजा समिति को भुगतना पड़ा। इस संबंध में छिरहा समिति प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि बारदाने की मांग की गई है। यदि बारदाना नहीं आया तो सोमवार को खरीदी प्रभावित होगी।