53 दिन बाद नोटबंदी पर कांग्रेस का जवाब

नोटबंदी के 53 दिन बाद कांग्रेस ने नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रेस वार्ता आयोजित कर बयान जारी किया। 
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Updated: 2 Jan 2017, 9:21 PM IST
Taking Congressman briefing.
Taking Congressman briefing.
बैतूल। नोटबंदी के 53 दिन बाद कांग्रेस ने नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रेस वार्ता आयोजित कर बयान जारी किया। कांग्रेसियों ने नोटबंदी को अब तक का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि नोटबंदी भारत के गरीब, किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, मध्यम वर्ग तथा छोटे कारोबारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक है। कांग्रेसियों का कहना था कि नोटबंदी से भारत की तरक्की का पहिया जाम हो गया है और पूरे देश में आर्थिक अराजकता छा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने नोटबंदी को लेकर प्रदेश स्तर से जारी आंकड़ें दिखाते हुए बताया कि नोटबंदी के दौरान 50 दिनों में 115 से अधिक निर्दोष लोगों की मौते हुई हैं। प्रधानमंत्री को इन परिवारों से माफी मांगकर उन्हें मुआवजा देना चाहिए। मोदी सरकार एवं आरबीआई ने 50 दिनों में 135 बार नियमों में बदलाव किया। जो देश को भ्रमित करने का काम किया गया है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष समीर खान, ब्रज पांडे, हेमंत वागद्रे, सुनील शर्मा, हेमंत पगारिया, शैलेश्वर गायकवाड़, राजा सोनी, विशाल धुर्वे आदि उपस्थित थे।
कांग्रेस ने मांगा नोटबंदी के नुकसान का मुआवजा
कांग्रेस ने देश के 125 करोड़ लोगों की ओर से मांग की है कि नोटबंदी के चलते भारी नुकसान का शिकार हुए लोगों को मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस ने पांच प्रमुख मांगें भी रखी है। इनमें बैंक से पैसा निकालने की पाबंदी फौरन हटाई जाए, लेन-देन पर कमीशन बंद करो, किसानों को रबी फसल पर एमएसपी पर 20 प्रतिशत बोनस दिया जाए, बीपीएल परिवार की एक महिला के खाते में 25 हजार जमा करवाएं जाए, मनरेगा के मजदूरों को 8 नवंबर 2016 से 31 मार्च2017 तक बेरोजगार भत्ता दिया जाए। दुकानदारों, उद्योगों को इंकमटैक्स, सेलटैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाए।
आप ने भी जताया नोटबंदी का विरोध
आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने सोमवार को नोटबंदी के विरोध में प्रदर्शन किया। कोठीबाजार स्थित लल्ली चौक पर पदाधिकारियों ने आमजनता को नोटबंदी से हुए नुकसान के बारे में बताया। नोटबंदी को लेकर बार-बार नियमों में बदलाव को लेकर भी आप पार्टी ने सवाल खड़े किए। नोटबंदी के 53 दिन बाद भी लोगों की परेशानियों को देखते हुए आप पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा।

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