
SN Medical College: फोटो-पत्रिका
जोधपुर। जिले के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर एमबीबीएस विद्यार्थियों के साथ रैगिंग और अभद्र व्यवहार के मामले में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में एक जूनियर रेजिडेंट सहित 19 लोग दोषी पाए गए हैं। सभी को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक जूनियर रेजिडेंट और चार विद्यार्थियों को तीन महीने के लिए, जबकि 14 अन्य विद्यार्थियों को एक महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। कार्रवाई के तहत आरोपियों की क्लीनिकल पोस्टिंग और अकादमिक गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। उन्हें हॉस्टल, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम की सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी।
मामले में यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू की थी। एंटी-रैगिंग समिति की जांच में जूनियर विद्यार्थियों के साथ गंभीर कदाचार, अभद्र व्यवहार और अनुचित दबाव बनाने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद प्राचार्य कार्यालय की ओर से निलंबन के आदेश जारी किए गए।
कॉलेज प्रशासन ने जूनियर रेजिडेंट अंकित ढाका के साथ शैलेश गुर्जर, लोकेश सैनी, वीकेश चौधरी और राहुल महापुरिया को तीन महीने के लिए निलंबित किया है। वहीं, गोपाल गाडवीर, सचिन रायवर, लक्ष्मीनारायण, शैलेन्द्र बीजानिया, अशोक सियाग, रविन्द्र बिडियासर, कमलेश पटेल, समीर राय, प्रियांशु यादव, नरेंद्र यादव, अभिषेक कस्वां, रोहिन महला, नन्दलाल मित्तल और आदित्य लामोरिया को एक महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। निलंबन के दौरान संबंधित विद्यार्थी क्लीनिकल पोस्टिंग और अकादमिक व शिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा हॉस्टल, पुस्तकालय और रीडिंग रूम का इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी।
जानकारी के अनुसार, नए सत्र में प्रवेश लेने वाले प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने सीनियर छात्रों पर अभद्र व्यवहार, धमकाने और अपमानित करने के आरोप लगाए थे। शिकायतों में मनमाने नियम थोपने की बात भी सामने आई थी। 28 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में आयोजित क्लीन कैंपस ड्राइव के दौरान विवाद के बाद विद्यार्थियों ने यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2025 बैच के सीनियर विद्यार्थी जूनियर्स को क्लीन शेव रहने और विशेष हेयरकट रखने के लिए बाध्य कर रहे थे। इसके अलावा उन्हें जबरन खड़ा रखने और फॉर्मल कपड़े पहनने का दबाव बनाने की बात भी कही गई थी।
मेडिकल कॉलेज में एक महीने के भीतर रैगिंग की दूसरी शिकायत सामने आने से मामला गंभीर हो गया था। यूजीसी तक शिकायत पहुंचने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एंटी-रैगिंग समिति के माध्यम से जांच कराई। अब जांच के आधार पर 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य कॉलेज में रैगिंग पर रोक लगाना और नए विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है।
Updated on:
2 Nov 2026, 10:31 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 10:31 PM IST
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