
Dausa: राजकीय जिला चिकित्साय में कर्मचारी को सीपीआर देते चिकित्सक। (फोटो-पत्रिका)
दौसा। राजस्थान में चल रहे पंचायत चुनाव के बीच चुनावी ड्यूटी में लगे एक कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सोमवार को दौसा के राजकीय पीजी कॉलेज में ड्यूटी के दौरान 58 वर्षीय जमादार मोहन नकवाल के सीने में तेज दर्द उठा। साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मोहन नकवाल नगर परिषद लालसोट में जमादार के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से डीडवाना के निवासी थे। पंचायत चुनाव को लेकर उनकी ड्यूटी दौसा के राजकीय पीजी कॉलेज में लगाई गई थी। सोमवार को वह चुनाव संबंधी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान दोपहर बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। उनकी तबीयत बिगड़ते देखकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
तबीयत बिगड़ने के तुरंत बाद मोहन नकवाल को राजकीय रामकरण जोशी चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सीपीआर दी और आवश्यक उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। परिजन और अन्य लोग उन्हें लेकर जयपुर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर लगते ही परिवार में शोक छा गया।
मोहन नकवाल की उम्र 58 वर्ष थी और वह करीब दो साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। जिस समय वह चुनाव ड्यूटी में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, उसी दौरान उनकी जिंदगी का सफर थम गया। फिलहाल मौत की वजह को लेकर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों की ओर से हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। चुनावी तैयारियों के बीच कर्मचारी की अचानक मौत से साथी कर्मचारियों और परिचितों में शोक का माहौल है।
Updated on:
2 Nov 2026, 9:13 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 9:13 PM IST
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