तीसरी बार चोरों ने बनाया निशाना, दान पेटी से चार दिन पहले ही निकाल ली गई थी राशि। बैतूल। बैतूल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हनुमानडोल स्थित हनुमान मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में चोरी का प्रयास […]
बैतूल। बैतूल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हनुमानडोल स्थित हनुमान मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में चोरी का प्रयास करते हुए मुख्य गेट सहित अन्य दरवाजों को नुकसान पहुंचाया। यह मंदिर में चोरी की तीसरी घटना बताई जा रही है, हालांकि इस बार भी चोरों को कोई सफलता नहीं मिली।
बताया गया कि मंगलवार-बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने हनुमानडोल मंदिर को निशाना बनाते हुए मुख्य लोहे के चैनल गेट को नीचे से तोडऩे का प्रयास किया। इसके अलावा मंदिर के सामने बने कमरे के गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मौके पर शटर तोडऩे की कोशिश के निशान भी पाए गए हैं। घटना का पता बुधवार सुबह उस समय चला, जब मंदिर के पुजारी पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। टूटे गेट और दरवाजे देखकर उन्होंने तुरंत मंदिर समिति के सदस्यों को सूचना दी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मंदिर समिति के सदस्य शैलेष गुबरेले ने बताया कि हाल ही में मंदिर में निर्माण कार्य कराया गया था, जिसके तहत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत लोहे के गेट और दरवाजे लगवाए गए थे। बावजूद इसके चोरों ने उन्हें तोडऩे का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि यह मंदिर में चोरी का तीसरा प्रयास है, लेकिन सौभाग्य से इस बार किसी प्रकार की चोरी नहीं हो सकी। समिति ने बताया कि चार दिन पहले ही मंदिर की दान पेटी खोलकर दान की नगद राशि निकाल ली गई थी, इसी वजह से चोरों के हाथ कुछ नहीं लगा। हालांकि नए लगाए गए गेट और दरवाजों को नुकसान पहुंचने से मंदिर समिति को आर्थिक क्षति जरूर हुई है। मंदिर समिति ने पूर्व में हुई चोरियों का अब तक खुलासा न होने पर चिंता व्यक्त की है। ताजा घटना की शिकायत संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराई जा रही है। साथ ही समिति ने पुलिस प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।