बैतूल। बैतूल जिले के किसानों के लिए आने वाला वर्ष सिंचाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। जल संसाधन विभाग द्वारा निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी मध्यम एवं लघु परियोजनाओं के माध्यम से जिले में सिंचाई सुविधा का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। घोघरी और वर्धा मध्यम परियोजना के साथ-साथ […]
बैतूल। बैतूल जिले के किसानों के लिए आने वाला वर्ष सिंचाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। जल संसाधन विभाग द्वारा निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी मध्यम एवं लघु परियोजनाओं के माध्यम से जिले में सिंचाई सुविधा का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। घोघरी और वर्धा मध्यम परियोजना के साथ-साथ सावन्याकोल, पाथाखेड़ा लघु जलाशय तथा तिरमऊ और कोंढरखापा बैराज से किसानों को भरपूर सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 में इन परियोजनाओं को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, बल्कि आसपास के गांवों का भूमिगत जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे पेयजल की समस्या में भी कमी आएगी।