
Betul News : मध्य प्रदेश के बैतूल के कोसमी रेलवे फाटक के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां स्थानीय लोगों को ट्रैक पर कई टुकड़ों में बंटी एक लाश मिली। लाश की हालत देखकर स्पष्ट था कि उसकी जान ट्रेन से कटकर गई है। घटना की जानकारी पुलिस को लगी, जिसके बाद पुलिस पड़ताल में मृतक की पहचान 22 वर्षीय अनंत बोरखड़े के रूप में हुई है। मृतक जिले के ही टिकारी का रहे वाला था।
इधर पुलिस ने टुकड़े एकत्रित कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला ट्रेन की चपेट में आने से मौत का सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अबतक ये स्पष्ट नहीं किया है कि, ये मामला आत्महत्या का है या सुनियोजित ढंग से युवक की हत्या की गई है। फिलहाल, संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसकी मौत से कुछ देर पहले साझा किया गया स्टेटस मिला है। स्टेटस पर कथित तौर पर युवक की ओर से लिखा गया था कि, 'ओके गुड बाय दोस्तों.. जबकि एक अन्य स्टेटस पर लिखा था 'अगले जन्म मिलेंगे'। हालांकि, इस तरह का संदेश सामने आने के बाद सामान्य तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इस तरह के स्टेटस को पुलिस मृतक की ओर से लिखा गया प्रमाणित आधार नहीं मानती। फिलहाल, पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस सोशल मीडिया पर युवक की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि, अगर पोस्ट युवक ने ही की थी तो किन परिस्थितियों में की थी।
परिजन के अनुसार, अनंत दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड हैं, जबकि बड़ा भाई नाई का काम करता है। अनंत कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ टाइल्स लगाने और मैकेनिक का काम भी किया करता था। घर वालों की मानें तो वो बहुत मेहनती था। उन्होंने यह भी बताया कि उसे शराब पीने की आदत थी, लेकिन परिवार को किसी मानसिक या आर्थिक परेशानी की जानकारी नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, युवक पहले भी कई बार आत्महत्या से जुड़े स्टेटस सोशल मीडिया पर साझा कर चुका था। घटना वाली रात वो घर से बाइक लेकर निकला था। सुबह उसकी बाइक रेलवे ट्रैक के पास खड़ी मिली, जबकि कुछ दूरी पर उसका शव भी क्षत - विक्षत अवस्था में पड़ा मिला। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।