
Murder of a young man: आरोपी गिरफ्तार (Photo Source - Patrika)
Betul news: एमपी के बेतूल में अग्निवीर (एयरफोर्स) ज्वाइन करने से पहले मोहित दुनिया छोड़कर चला गया। ऑफर लेटर आने के बाद से मोहित बहुत खुश था लेकिन परिवार वालों का कहना है कि उसे किसी की नजर लग गई। अपनों ने ही उसे खत्म कर दिया। बता दें कि एयरफोर्स में चयनित मोहित गलफट की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक के जीजा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे जमीन हड़पने की साजिश, पुरानी रंजिश और खेत के कुएं के पानी को लेकर चला आ रहा विवाद मुख्य कारण था। आरोपियों ने मोहित के एयरफोर्स जॉइन करने से एक दिन पहले ही उसकी हत्या की योजना को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने मंगलवार को बताया कि मृतक मोहित की बहन ने राजा मस्की से प्रेम विवाह किया था। जांच में सामने आया कि राजा मस्की की नजर अपने ससुर मंचित गलफट की करीब सात से आठ एकड़ कृषि भूमि पर थी। उसे लगता था कि यदि मोहित रास्ते से हट जाएगा तो भविष्य में यह जमीन उसकी पत्नी के माध्यम से उसके कब्जे में आ सकती है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
वहीं मोहित के ताऊ के बेटे संजय उर्फ पिंटिया गलफट और आकाश गलफट का परिवार भी वर्षों से खेत की सीमा, सिंचाई, पाइपलाइन और कुएं के पानी को लेकर मोहित के परिवार से विवाद करता आ रहा था। इसी कारण तीनों ने करीब 20 दिन पहले हत्या की साजिश रची। पुलिस ने इस मामले में राजा मस्की, संजय उर्फ पिंटिया गलफट और आकाश गलफट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है और यदि किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वही पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। मामले का खुलासा के दौरान एएसपी कमलेश खरपूसे, उप पुलिस अधीक्षक दिनेश आर्मी, आठनेर थाना नरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
मोहित के घर नहीं लौटने पर 25 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज की गई थी। अगले दिन खेत के पास उसके जूते और मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। एसडीआरएफ की मदद से खेत के कुओं की तलाशी ली गई, जिसमें तीसरे कुएं से मोहित का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि होने पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार मोहित को 26 जुलाई को प्रशिक्षण के लिए रवाना होना था। आरोपियों को लगा नौकरी पर जाने के बाद योजना सफल नहीं हो पाएगी। इसलिए 25 जुलाई की रात वारदात को अंजाम दिया। उस रात मोहित चयन की खुशी में गांव के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने और बांटने के लिए सोनपापड़ी खरीदकर लौट रहा था। इसी दौरान संजय और आकाश उसे दूसरे मंदिर चलने का बहाना बनाकर बाइक से खेत स्थित झोपड़ीं पर ले गए, जहां राजा मस्की पहले से मौजूद था।
झोपड़ी में पहुंचते ही तीनों ने मोहित को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार संजय और राजा ने हाथ पकड़े, जबकि आकाश ने तार को उसके गले में लपेटकर कस दिया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव बोरी में भरकर खेत के तीसरे कुएं में फेंक दिया। शव बाद में ठिकाने लगाने का षड़यंत्र था। पुलिस को गुमराह करने जूते दूसरे कुएं के पास फेंके और संघर्ष के निशान भी छोड़े। मोहित का मोबाइल झोपड़ी में ही छूट गया, जो पुलिस जांच का अहम सुराग बन गया।
Updated on:
05 Aug 2026 01:05 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:05 pm
