सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के पॉवर हाउस क्रमांक चार के11 नंबर इकाई के इलेक्ट्रिकल पैनल में रविवार सुबह ओवर फ्लैश होने से एक कर्मचारी झुलस गया। कर्मचारी को पावर जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रैफर कर दिया गया। इससे दो महीने पहले भी प्लांट में ओवर फ्लैश की घटना हुई थी, जिसमें तीन कर्मचारी झुलस गए थे और एक की मौत हो गई थी।
ओवर फ्लैश के घटना की जानकारी लगते ही कंपनी में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक संगठन के पदाधिकारी एरिया अस्पताल पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह नौ से दस बजे के बीच रामलाल पिता अर्जुन सिंह (26) कलम के इलेक्ट्रिकल पैनल में स्विच ऑन कर रहा था कि शार्ट सर्किट होने से वह झुलस गया। जिसमें रामलाल का चेहरा और हाथ बुरी तरह झुलस गए।
इसके पूर्व में भी २१ नवंबर को पावर हाउस क्रमांक तीन में फ्यूज लगाते समय तीन कर्मचारी झुलस गए थे। जिसमें उपचार के २४ दिसम्बर को नारायण चंद्र घोष की मौत हो गई थी। जिस समय रामलाल फ्यूज लगा रहा था। उसी समय परमिट पर कार्य किया जा रहा था। कार्यस्थल पर रामलाल के अलावा एक और कर्मचारी को जाना था, लेकिन रामलाल अकेले ही जाकर फ्यूज जोडऩे लगा और झुलस गया।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में दो माह में भीतर फ्यूज लगाते समय ओवर फ्लैश होने से दो घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें चार कर्मचारी झुलस गए है। एक कर्मचारी की नागपुर में उपचार के दौरान मौत तक हो चुकी है। उसके बाद भी सुरक्षा के मापदंडों को सख्त नहीं किया गया हैं। ऐसी स्थिति में ताप विद्युत गृह में काम करना किसी मुसीबत से कम नही है। कर्मचारी के झुलसने के मामले में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ कहने से बच रहा है।