
Betul news: स्कूल में पढ़ाई करने गए 15 साल के स्टूडेंट को सांप ने डस लिया। जिसके बाद अचानक बच्चों के बीच हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सांप के डसने से स्टूडेंट घायल हो गया जिसके बाद उसे पास के अस्पताल में ले जाया गया। जिसके बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। अब छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर बच्चे को अस्पताल ले आया गया जिससे उसकी जान बच गई। एमपी में एक्सपर्ट ने सर्पदंश के बाद घरेलू इलाज में समय नहीं गंवाने के लिए चेताया है। बताया गया है कि प्रभावित अंग को कम हिलाएं-डुलाए मरीज को शांति से जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं। सर्पदंश वाले हिस्से को काटने, जहर चूसने या रस्सी से कसकर बांधने जैसी गलतियां नहीं करने की सलाह है।
जानकारी के अनुसार प्रार्थना के बाद सभी स्टूडेंट कक्षा में पहुंचे थे। इसी दौरान लक्ष्मीनारायण अपनी डेस्क में बैग रखने के लिए गया। डेस्क में बैग रखने की जगह पर पहले से छिपे सांप ने अचानक छात्र की उंगली में डस लिया। सांप के डसते ही छात्र घबरा गया और कक्षा में हड़कंप मच गया। स्कूल स्टाफ ने तत्काल छात्र को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। बताया गया कि स्कूल परिसर के आसपास झाड़ियां होने के कारण सांप कक्षा के अंदर पहुंचकर डेस्क के पास छिप गया था। इसी दौरान छात्र उसके संपर्क में आ गया। घटना के बाद स्कूल में मौजूद अन्य छात्रों और शिक्षकों में भी कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा। हालांकि उपचार के बाद छात्र की हालत ठीक बताई जा रही है।
-घर के आसपास झाड़ियां और मलबा न जमा होने दें।
-रात में टॉर्च का उपयोग करें।
-खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्र में जाने के लिए मजबूत जूते पहनें।
-सांप दिखने पर उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
-सर्पदंश होने पर सीधे अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें।
-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।
एक्सपर्ट का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मरीज को जितनी जल्दी चिकित्सकीय उपचार मिलेगा, उसके बचने की संभावना उतनी अधिक होगी। एंटी स्नेक वेनम ही विषैले सांप के काटने का प्रभावी उपचार है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें। यही सतर्कता जीवन बचा सकती है।