7 वर्षीय मासूम तन्मय साहू को बचाने के लिए हादसे के अगले दिन दोपहर 1 बजे भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जानिए ताजा अपडेट।
बैतूल. मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर के ग्राम मांडवी के एक 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 7 वर्षीय मासूम तन्मय साहू को बचाने के लिए हादसे के अगले दिन दोपहर 1 बजे भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार इसपर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही, उन्होंने इसपर ट्वीट करते हुए दुख भी व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को तन्मय को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस बीच कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने भी मीडिया से चर्चा कर ऑपरेशन से जुड़ा अपडेट दिया है।
कलेक्टर अमनबीर ने बताया कि, तन्मय वर्तमान में 40 फीट नीचे फंसा हुआ है। हालांकि, 1 बजे तक करीब 32 फीट से अधिक नजदीक में गड्ढा खोदा जा चुका है। जमीन पथरीली होने के कारण कार्य धीरे धीरे करना पड़ रहा है, ताकि बच्चे को किसी भी तरह की हानि से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि, शुरू में वर्टिकल लिफ्टिंग (खींचकर निकालने) की कोशिश की गई थी, लेकिन वो सफल नहीं हो पाई। इसके चलते रैंप बना कर ही उस तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए दोनों ओर से खुदाई की जा रही है। हालांकि, ऑपरेशन को सफल बनाने सभी इंतजाम मौके पर मौजूद हैं।
5 जनवरी को है तन्मय का जन्मदिन
वहीं, तन्मय के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अफसरों का ये भी कहना है कि, बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है। लगातार उसे जरूरत की हर चीज पहुंचाई जा रही है। साथ ही, दावा ये भी है कि, कुछ घंटों के भीतर बच्चे को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। वहीं, अभी अभी बच्चे के परिजन से ये जानकारी भी मिली है कि, अगले महीने 5 जनवरी को उसका जन्मदिन भी है। ऐसे में शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश और देशभर में उसके सुरक्षित बोरवेल से बाहर निकाले जाने की प्रार्थनाएं की जा रही हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
आपको बता दें कि, जिले में स्थित आठनेर विकासखंड के ग्राम मांडवी में 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरे तन्मय को बचाने के लिए पिछले 21 घंटों से प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू अभियान चलाए हुए हैं। फिलहाल, अभी तक टीम को सफलता नहीं मिल सकी है। बोरवेल के पास खुदाई का काम मशीनों से कल शाम से लगातार चल रहा है। खबर लिखे जाने तक करीब 32 फीट से अधिक आसपास खुदाई हो चुकी है। प्रशासनिक अमला भी रात भर से डटा हुआ है।