बेतुल

रिश्वत नहीं दी तो प्रिंसिपल ने काटी सैलरी, टीचर्स बोले- काम करने की मिली सजा!

Bribery Case: शिक्षा विभाग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां, रिश्वत नहीं देने पर शिक्षकों का वेतन काटा गया। कॉल रिकॉर्डिंग के बावजूद महीनों से जांच अधर में।

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Jan 02, 2026
cluster principal bribery case of betul (फोटो- गूगल मैप फोटो)

Teachers salary cut: बैतूल जिले में शिक्षा विभाग में अनियमितता का एक गंभीर मामला (Bribery Case) सामने आया है, जहां शिक्षकों से कथित रूप से पैसे मांगने और नहीं देने पर एक दिन का वेतन काटने का आरोप संकुल प्राचार्य पर लगा है। शासकीय प्राथमिक शाला कुम्हारिया के चार शिक्षकों ने इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षकों ने शिकायत के साथ ही कॉल रिकार्डिंग भी सौंपी थी।

शिक्षकों ने बताया कि 1 अगस्त 2025 को संकुल प्राचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोदारोटी (Kodaroti Higher Secondary School) धनराज सूर्यवंशी द्वारा प्राथमिक शाला कुम्हारिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय को बंद बताया गया, जबकि शिक्षकों का कहना है कि उस दिन नियमित रूप से प्रार्थना हुई थी और बच्चों को पढ़ाया गया था। विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण कक्षाएं प्राथमिक और माध्यमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष में संचालित की जा रही थी। (mp news)

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शिक्षकों ने संकुल प्राचार्य पर लगाए आरोप

शिक्षकों का आरोप है कि संकुल प्राचार्य धनराज सूर्यवंशी ने प्रधान पाठक सुरेश कुमार राठौर, शिक्षिका कलावती चौकीकर, शिक्षिका सुमीना बचले और शिक्षक अशोक कुमार का एक-एक दिन का वेतन काटने और सेवा पुस्तिका में दर्ज करने की चेतावनी देकर प्रति शिक्षक 3000 रुपए की रिश्वत मांगी। इसके लिए वेतन प्रभारी कलेश यादव के माध्यम से फोन कॉल भी करवाए गए, जिनकी कॉल रिकॉर्डिंग शिक्षकों ने अधिकारियों को सौंपी है। शिक्षकों ने संकुल प्राचार्य धनराज सूर्यवंशी और वेतन प्रभारी कलेश यादव पर कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षक बोलेः पढ़ाई कराने के बावजूद काटा वेतन

शिक्षकों का कहना है कि एक दिन का वेतन 3000 रुपए से भी कम होने के कारण उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, जिसके बाद पढ़ाई कराने के बावजूद उनका वेतन काट लिया गया। मामले को लेकर शिक्षकों ने 3 सितंबर 2025 को जिला शिक्षा कार्यालय में लिखित शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर से भी शिकायत की गई, जिस पर जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम गठित की गई, जिसमें डीपीसी भूपेंद्र वरकड़े और मुलताई के बीइओ शामिल थे। हालांकि चार माह बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। (mp news)

5 जनवरी तक होगा मामले का खुलासा

कुछ शिक्षकों के बयान रह गए हैं। शिकायत के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 5 जनवरी तक जांच पूरी हो जाएगी। - भूपेंद्र वरकड़े, डीपीसी एवं जांच अधिकारी, बैतूल

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Published on:
02 Jan 2026 12:41 pm
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