MP News: ग्रामीण स्वच्छता में डिजिटल क्रांति। अब ऐप से शौचालय सफाई की बुकिंग, ओटीपी से काम शुरू और फीडबैक से निगरानी की जाएगी जिससे गांवों को मिली बड़ी राहत।
Wash On Wheel App: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नई डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। अब ग्रामीण मोबाइल ऐप के माध्यम से शौचालय सफाई का शेड्यूल बुक कर सकेंगे। बुकिंग के बाद तय समय पर सफाईकर्मी घर पहुंचकर शौचालय की सफाई करेगा। इस सुविधा से ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चली आ रही सफाई संबंधी परेशानियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के तहत गांव-गांव में सामुदायिक और व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है, लेकिन नियमित सफाई की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। कई स्थानों पर सफाईकर्मियों की उपलब्धता नहीं होने या संपर्क में कठिनाई के कारण शौचालयों की सफाई समय पर नहीं हो पाती थी। अब इस नई व्यवस्था के जरिए ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। (MP News)
इस सुविधा के अंतर्गत उपयोगकर्ता वॉश ऑन व्हील ऐप (Wash On Wheel App) पर अपने क्षेत्र का चयन कर सफाई के लिए बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग की पुष्टि के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली लागू की गई है। ओटीपी मिलने के बाद ही सफाईकर्मी कार्य प्रारंभ करेगा। काम पूरा होने पर उपभोक्ता द्वारा फीडबैक भी दिया जा सकेगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाएगी।
सफाई कार्य को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए सफाईकर्मियों को आधुनिक मशीनें और सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे सफाईकर्मियों को काम करने में सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा पूरी तरह तकनीक आधारित है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
साथ ही शिकायत या सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस मॉडल की सफलता के बाद इसे अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है। ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि गांवों में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित हो।
सफाई की दरें भी निर्धारित वॉश ऑन व्हील के माध्यम से सामुदायिक और व्यक्तिगत शौचालयों की साफ-सफाई के लिए दरें भी निर्धारित कर दी गई है। व्यक्तिगत शौचालयों की सफाई के लिए करीब 50 रुपए प्रति शौचालय देय होगा। जबकि सामुदायिक शौचालयों की सफाई के लिए पंचायत को 200 से 250 रुपए खर्च करना होंगे। सफाईकर्मी अपने टूल्स के साथ टू-व्हीलर से सीधे घर पहुंचेगे और सफाई कार्य करेंगे।
बैतूल जिले की 554 ग्राम पंचायतों को 35 क्लस्टर में विभाजित कर क्लस्टर का निर्धारण किया गया है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए एक स्वच्छता साथी का चयन किया जाकर क्लस्टर आवंटित किए गए है। यह सेवा वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रारंभ की गई है। जिसमें आम नागरिक मोबाईल में एप डाउनलोड कर ऑनलाइन आर्डर कर सकता है। संबंधित स्वच्छता साथी के पास आर्डर मोबाईल एप में प्रदर्षित होने पर सेवाएँ प्रदान की जाएगा। योजना की मॉनिटरिंग जनपद पंचायतों के माध्यम से होगी। सफाई कर्मियों को सफाई कार्य के लिए उपकरण भी भेंट किए गए हैं ताकि वे इसका इस्तेमाल कर कार्य को संचालित करें। (MP News)
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वॉश ऑन व्हील योजना की शुरूआत पिछले दिनों की गई है। योजना के तहत सफाईकर्मी सेवा शुल्क लेकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की सफाई करेंगे। इसके लिए दरें भी निर्धारित की गई है। हमने सभी को स्वच्छता किट भी प्रदान की है। - सीताराम घोरसे, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, जिला पंचायत बैतूल