कोरोना महामारी के चलते सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है कि बिना मास्क घर से निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको नजर अंदाज कितना महंगा पड़ गया इसकी बानगी भदोही जिले में देखने को मिली, जहां अब तक 20 हजार लोगों का बिना मास्क के निकलने के चलते चालान काट दिया गया। इनसे 23 लाख 65 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है।
भदोही.कोरोना वायरस महामारी के काल में पहले जनता कर्फ्यू और उसके बाद लाॅकडाउन लगाया गया जो बेहद लम्बा खिंचा। इस दौरान संक्रमण से बचाव के मकसद से लोगों पर कई तरह की पाबंदियां कड़ाई से लागू की गई थीं। हालांकि इन पाबंदियों का लोगों ने पालन किया, लेकिन ऐसे लोगों की तादाद भी कम नहीं रही जिन्होंने पाबंदियों को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी की। ऐसे लोगों से पुलिस भी सख्ती से निपटी। पूरे प्रदेश में ऐसी लापरवाही और मनमानी करने वालों के खिलाफ किस कदर कार्रवाई की गई, इसकी बानगी भदोही जिले में देखने को मिली, जहां केवल बिना मास्क के घर से निकलने के लिये 20 हजार लोगों का चालान काटा गया। इतना ही नहीं इन लोगों से 23 लाख 65 हजार रुपये भी वसूले गए।
भदोही के जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया है कि कोरोना काल में लाॅकडाउन और सरकार की आेर से जारी गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। महामारी अधिनियम के इसके अधिनियम 188 के अन्तर्गत अब तक 739 एफआईआर दर्ज की गयी है बिना मास्क के घर से निकलने वाले करीब 20 हजार (19896) लोगों का चालान काटा गया। यही नहीं इन लोगों से 23 लाख 65 हजार रुपये की वसूली भी की गई। ये कार्रवाई के लाॅकडाउन से लेकर अब तक के आंकड़े हैं।
20 हजार से ज्यादा गाड़ियों का हुआ चालान
कोरोना काल में जहां जिले में करीब 20 हजार लोगों का चालान बिना मास्क के घर से निकलने पर काट दिया गया तो वहीं इस दौरान वाहनों का चालान भी धुआंधार किया गया। जिलाधिकारी से मिले आंकड़े के मुताबिक 20 हजार 941 वाहनों का चालान करके उनसे 5 लाख 72 हजार रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया है। 273 दोपहिया वाहनों का चालान तो पिछली सीट पर बैठने के लिये काटा गया है।
BY Mahesh Jaiswal