प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीएचयू के कुछ युवाओं का जिक्र करते हुए सुनायी एक कहानी।
भदोही . बीएचयू में छात्रों के बवाल से विश्वविद्यालय की खराब हो रही छवि के बीच देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने बनारस में पढ़ने वाले द्वारा गरीब बच्चो को युवाओं द्वारा शिक्षित किये जाने के प्रयास का जिक्र करते हुए कहा कि वो छात्र चाहते तो किसी यूनियनबाजी, हुड़दंग या आंदोलन का रास्ता अपना सकते थे लेकिन उन्होंने समाज के लिए कुछ करने का रास्ता चुना और शिक्षा के माध्यम से कचरा बीनने वाले एक हजार बच्चो के जीवन मे बदलाव लाया।
यह बातें पीएम मोदी ने शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अपने हाल के बनारस दौरे का जिक्र करते हुए कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 'पुनरुत्थान के लिए शिक्षा पर अकेडमिक नेतृत्व' विषय पर आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं अभी कुछ दिन पहले अपने लोकसभा क्षेत्र बनारस गया था। वहां मेरी मुलाकात कुछ नौजवानों से हुई।
इन युवाओं ने चार-पांच वर्ष पहले एक संस्था 'ट्राई टू फाइट' की स्थापना किया। पहले इन नौजवानों की संख्या चार थी और अब बड़ा ग्रुप हो गया है। इन युवाओं का ध्यान कचरा बीनने वाले बच्चो पर गया। उनका मन कर गया कि कचरा बीनने वाले बच्चो को शिक्षा देनी है। युवां ने अपनी शिक्षा से समय निकाल कर उनगरीब बच्चो को शिक्षा देने के साथ उन्हें स्कूल पहुंचने का कार्य शुरू किया।
आज बनारस में ये युवा एक हजार से अधिक बच्चो को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। वो नौजवान चाहते तो हुड़दंग, आंदोलन और यूनियनबाजी का रास्ता अपनाया सकते थे लेकिन उन्होंने समाज मे कुछ करने का रास्ता अपनाया। इससे उन गरीब बच्चो के साथ उन युवाओं की जिंदगी बदली है जिन्होंने सम्वेदनाओं को समझा है। पीएम मोदी ने कहा कि युवा जितना अभिनव प्रयोग करेंगे उससे गरीबो को उतना की लाभ होगा। ऐसे प्रयोगों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
आपको बता दें कि चार वर्ष पूर्व टीटीएफ संस्था की स्थापना भदोही जिले के तेजीपुर निवासी यजत द्विवेदी ने आने कुछ साथियों के साथ मिलकर किया था। उनके टीम से जुड़े कई नौजवान काशी विद्यापीठ सहित अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के छात्र हैं। हाल ही में जब पीएम मोदी बनारस दौरे पर थे तो उन्होंने संस्था द्वारा शिक्षित किये जा रहे गरीब बच्चो से मुलाकात की थी जिसमे बच्चो ने अपनी बनाई हुई कई पेंटिंग उन्हें भेंट किया था।
By Mahesh Jaiswal