31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जीआरपी ने छात्रों को पीटा, छात्रों ने काटा हंगामा

प्रतियोगिता में भाग लेकर लौट रहे खिलाड़ी और शिक्षकों की बेरहमी से पिटाई की और मोबाइल तक तोड़ दिए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बांदा

•

image

Ashish Kumar Pandey

•

Updated: 30 Sep 2018, 10:57 PM IST

grp

जीआरपी ने छात्रों को पीटा, छात्रों ने काटा हंगामा

बांदा. सूबे में खाकी का सितम लगातार जारी है। राजधानी में बेगुनाह विवेक तिवारी की हत्या के बाद भी पुलिस का क्रूर रवैया ख़त्म नहीं हुआ है और बेगुनाहों पर खाकी का सितम जारी है। बुंदेलखंड के बाँदा में पुलिस की गुंडागर्दी एक बार फिर सामने आयी है। जहाँ रेलवे पुलिस का कहर खिलाडिय़ों पर टूटा है। पुलिस ने स्पोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेकर लौट रहे खिलाड़ी छात्रों और शिक्षकों की बेरहमी से पिटाई की और उनके मोबाइल तक तोड़ दिए। यही नहीं पुलिस ने महिला खिलाडिय़ों को भी नहीं बख्शा और उनकी भी भरपूर बेइज़्ज़ती की। आक्रोशित खिलाड़ी छात्रों ने कई घंटे तक जीआरपी थाना घेरे रखा और जमकर हंगामा काटा।
पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली है बाँदा रेलवे स्टेशन में, जहाँ जीआरपी थाना पुलिस ने अपना बेरहम चेहरा दिखाया है। बता दें कि शनिवार देर रात महोबा में मंडलीय एथलेटिक प्रतियोगिता में प्रतिभाग करके डीएवी और बजरंग इंटर कॉलेज के आधा सैकड़ा खिलाड़ी अपने शिक्षकों के साथ झाँसी बाँदा पैसेंजर ट्रेन से वापस आ रहे थे। ट्रेन में एक बर्थ पर जीआरपी का एक सिपाही कब्ज़ा किये था जिस पर सीट में बैठने को छात्रों और पुलिसकर्मी में बहस हुयी और जैसे ही बाँदा रेलवे स्टेशन में ट्रेन रुकी, एक दर्जन जीआरपी पुलिस के जवान पहुँच गए और खिलाडिय़ों को ट्रेन से उतारकर पीटना शुरू कर दिया। छात्रों को बचाने के लिए आगे आये शिक्षकों की भी पुलिस ने जमकर पिटाई की और पुलिस की गुंडई का वीडियो बना रहे शिक्षक का मोबाइल भी पुलिस वालों ने तोड़ दिया। पुलिस की गुंडई का शिकार महिला खिलाड़ी भी बनीं और उनकी भी सरेआम पिटाई की गयी। पुलिस की पिटाई से एक छात्र की ऊँगली टूट गयी तो वहीं तकरीबन एक दर्जन छात्र और टीचरों के भी गंभीर छोटे आयी हैं।

एसओ ने आरोपियों को भगा दिया
पुलिस की इस बर्बरता से गुस्साए छात्र खिलाडियों ने जीआरपी थाना घेर लिया और डीएम समेत सभी उच्चाधिकारियो को सूचना देकर कार्यवाही की मांग करने लगे और डेढ़ घंटे तक हंगामा करते रहे। पीडि़तों का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे और मारपीट के बाद जीआरपी एसओ ने आरोपियों को भगा दिया है। वहीँ जब इसी हंगामे के बीच जीआरपी थाने के दीवान से मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने तो जानकारी होने से ही इंकार कर दिया और जब जीआरपी एसओ से सवाल किया गया तो मामले पर कुछ बोलने के बजाय वह कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को ही चाय नाश्ता कराने की बात करने लगे।