औराई के रहने वाले अनिल को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद वाराणसी के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान उसकी सांसें चलने लगी...
भदोही: औराई कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि खेतलपुर के पास 23 मार्च को सड़क हादसे में सायर गांव का अनिल बनवासी नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और यहां से उसे ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजनों ने उसे वाराणसी के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब वह जिंदा हो चुका है।
बताया जा रहा है कि वाराणसी के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किए जाने के बाद अनिल के घर वालों ने उसे बेहतर उपचार के लिए लंका थाना क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन अनिल को लेकर गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी में लग गए। इसी दौरान उसके शव को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए गंगा घाट पर ले जाया गया, जहां पता चला कि अनिल मारा नहीं बल्कि जिंदा है।
परिजनों ने बताया कि चिता पर लेटने के बाद अनिल की उंगली में हरकत होने लगी। जब सीने पर सर रखकर सुना गया तो धड़कन भी चल रही थी और उसकी सांसे भी चल रही थी। इस दृश्य को देखने के बाद सभी लोग हैरान हो गए। इस घटना के बाद परिजन तुरंत अनिल को चिता से उठाकर औराई ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि अनिल अभी जिंदा है। डॉक्टर ने परिजन को बताया कि अनिल गहरी बेहोशी की हालत में थे, शायद यही वजह है कि डॉक्टर ने मृत समझ लिया। डॉक्टर के मुताबिक, अनिल को सही समय पर इलाज मिल गया, वरना अनिल की स्थिति में सुधार होना असंभव था।
फिलहाल, अनिल की हालत स्थित है और उसका इलाज और औराई के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। वहीं, अपने घर के सदस्य को जीवित पाकर परिजन भी इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं। परिजनों ने बताया कि अनिल की मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ था, लेकिन अब उनकी स्थिति ठीक है और डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। उन्होंने वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल के कार्य प्रणाली पर और वहां के डॉक्टर पर भी सवालिया निशान खड़ा किया है।