अपना घर की प्रभुजी शारदाबाई ने चिकित्सा विभाग को पहले ही उलझा रखा है। इसी दरिम्यान एक और मामला सामने आया है। अपना घर की ही दूसरी प्रभुजी शारदा-सुनीता चार माह में पॉजिटिव-नेगेटिव हो रही हैं।
भरतपुर. अपना घर की प्रभुजी शारदाबाई ने चिकित्सा विभाग को पहले ही उलझा रखा है। इसी दरिम्यान एक और मामला सामने आया है। अपना घर की ही दूसरी प्रभुजी शारदा-सुनीता चार माह में पॉजिटिव-नेगेटिव हो रही हैं। माना जाता है कि एक बार कोरोना खत्म होने के बाद शरीर में एंटी बॉडी बन जाती है, लेकिन शारदा-सुनीता के बार-बार पॉजिटिव होने से चिकित्सा भी चकराती नजर आ रही है।
अपना घर में 15 अक्टूबर को आई शारदा-सुनीता पॉजिटिव निकलीं। इसके तीन दिन बाद 18 नवम्बर को इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। आइसोलेशन के दौरान ही इनका दो जनवरी को टेस्ट हुआ तो यह फिर पॉजिटिव आ गईं। इसके बाद सात जनवरी को नेगेटिव भी गईं। हैरत की बात यह है कि 25 जनवरी को इनकी रिपोर्ट फिर से पॉजिटिव आई है। ऐसे में अपना घर प्रशासन सकते में है।
चिकित्सा विभाग मानता है कि एक बार कोरोना होने पर ठीक हुए व्यक्ति में एंटी बॉडी बन जाती है। ऐसे में दूसरी बार कोरोना होने की आशंका नहीं रहती है, लेकिन इस केस में यह उल्टा नजर आ रहा है। शारदा के बार-बार पॉजिटिव होने से चिकित्सा विभाग हैरत में है। हालांकि स्थानीय स्तर पर शारदा का उपचार चल रहा है और उसे आइसोलेशन में रखा गया है।
चिकित्सा विभाग का दावा नहीं फैला सकता वायरस...
अपना घर में दो शारदा प्रभुजी हैं। एक शारदा बाई है, जिसके 32 टेस्ट हो चुके हैं और वह अभी तक पॉजिटिव है। वहीं दूसरी शारदा-सुनीता है, जो बार-बार पॉजिटिव हो रही हैं। शारदाबाई के बारे में चिकित्सा विभाग ने दावा किया था कि उनकी गले में कोरोना वायरस इनएक्टिव है। यानि वह दूसरे को संक्रमित नहीं कर सकती है। अपना घर में शारदाबाई और शारदा-सुनीता को आइसोलेशन में रखा गया है, जो आपस में मिल भी लेती हैं। शारदाबाई चलने-फिरने में असमर्थ थीं। ऐसे में दोनों शारदा साथ ही रहती हैं और एक-दूसरे की देखभाल करती हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी यह एक-दूसरे से अलग रहने को तैयार नहीं हैं। शारदाबाई का वायरस डैड बताया जा रहा है। ऐसे में शारदा-सुनीता कैसे पॉजिटिव हो रही है। यह अपना घर प्रशासन की समझ से परे है।
शारदा बाई की रिपोर्ट बन रही पहेली
अपना घर में रह रही शारदाबाई की एक और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शारदाबाई की मंगलवार को आई रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। चिकित्सकों के लिए यह केस भी पहेली से कम नहीं है। शारदा खुद को स्वस्थ बता रही है। इसके बाद भी वह नेगेटिव नहीं आ पा रही है। खास बात यह है कि कोरोना पॉजिटिव होने के दौरान उसका वजन भी आठ किलो बढ़ गया है।
तो शादाबाई से ही संक्रमण
चिकित्सा विभाग भले ही कुछ दावा करे, लेकिन यह तय है कि शारदा-सुनीता को कोरोना संक्रमण शारदाबाई के जरिए ही हो रहा है। वजह, पिछले कई माह से दोनों ही साथ-साथ हैं। वहां कोई भी तीसरा व्यक्ति नहीं गया है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया सकता है कि शारदा-सुनीता को संक्रमण शारदाबाई से ही मिला है।
इनका कहना है
पहले हम चिकित्सा विभाग की बात पर पूरी तरह से भरोसा कर रहे थे। इसमें बताया गया था कि एंडी बॉडी बनने के बाद कोरोना का संक्रमण दोबारा नहीं होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। अपना घर की प्रभुजी शारदा-सुनीता तीन बार पॉजिटिव हो चुकी हैं, जो अब तक आइसोलेशन में ही हैं। यह समझ से परे है कि इनमें कोरोना वायरस कहां से आ रहा है। यह अवस्था हमारे के लिए खतरा बन रही है। ऐसे में अन्य प्रभुजी की देखभाल हमारे लिए चुनौती बन रही है।
- डॉ. बी.एम. भारद्वाज, संस्थापक अपना घर भरतपुर