- अब शाखा प्रबंधक एवं बमनवाड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक निलंबित- दी भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक से संबद्ध बमनवाडी ग्राम सेवा सहकारी समिति से जुड़ा है प्रकरण
भरतपुर . कर्ज तले दबे किसानों को सरकारी राहत महज कागजों में नजर आ रही है। वजह, किसानों की ऋण माफी के नाम पर अधिकारी अपनी जेबें भर रहे हैं। ताजा मामला बमनवाड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति से जुड़ा है। यहां तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं समिति के व्यवस्थापक किसानों की ऋण माफी के नाम पर दो करोड़ 62 लाख रुपए डकार गए। हालांकि इन्हें निलंबित किया गया है, लेकिन ऐसे फर्जीवाड़े से अन्नदाता के अरमान पानी-पानी हो रहे हैं।
दी भरतपुर केन्द्रीय सहकारी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने 9 जून 2021 को शाखा कामां में ऋण माफी में अनियमितता की जांच के आदेश के जारी किए थे। इसके बाद 5 जुलाई 2021 को बैंक में अन्य प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति होने पर जांच ठंडे बस्ते में चली गई। अब तत्कालीन प्रबंध निदेशक की ओर से बैंक में पुन: 14 मार्च 2022 को ज्वाइन करने के बाद जांच अधिकारी की ओर से प्रेषित रिपोर्ट को तलब किया। इस प्रकरण में शाखा कामां से सम्बद्ध बमनवाड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति में करीब 2.62 करोड़ की फर्जी ऋण माफी कराने, फर्जी क्लेम राज्य सरकार से प्राप्त करने तथा मिलीभगत कर राशि को समिति के खातों से निकालकर व्यक्गित उपयोग में लेने के गंभीर तथ्य प्रमाणित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट में शाखा प्रबंधक एवं समिति व्यवस्था को दोषी माना गया है। इस पर बैंक के प्रबंध निदेशक ने 23 मार्च को बमनवाड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक रुकमदेव शर्मा उर्फ पिंटू शर्मा निवासी घुस्यारी भरतपुर हाल निवासी पुष्पवाटिका मैरिज होम के पास पुष्पवाटिका कॉलोनी के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश अध्यक्ष बमनवाड़ी ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. शाखा कामां को दिए हैं।
समिति ने किया निलंबित
रुकमदेव शर्मा व्यवस्थापक को समिति का अंकेक्षण 2010-11 की अवधि से अब तक नहीं कराने के कारण 22 मार्च को सदस्य सचिव जिला स्तरीय परामर्शदात्री व जांच समिति की ओर से पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है। बैंक स्तर से तत्कालीन शाखा प्रबंधक व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। इस अवधि में शाखा कामां में अधिकतर समय दिलबाग सिंह बैंकिंग सहायक एवं नवीन गौतम बैंकिंग सहायक कार्यवाहक शाखा प्रबंधक के तौर पर कार्यरत रहे हैं। इन दोनों कार्यवाहक शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध बैंक शाखा डीग में भी अनियमित ऋण माफी कराए जाने तथा फर्जी ऋण माफी की राशि के गबन में सम्मिलित होने के प्रकरण में भी र्कावाई प्रक्रियाधीन है। बैंक ने शाखा कामां एवं शाखा डीग के तत्कालीन कार्यवाहक शाखा प्रबंधक रहे दिलबाग सिंह एवं नवीन गौतम को निलंबित किया है।
यह है मामला
राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 में राज्य सरकार की ओर से ग्राम सेवा सहकारी समितियों तथा सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले कृृषकों के 30 नवम्बर 2018 की स्थिति में बकाया अल्पकालीन फसली ऋण माफ किए गए। इसमें मिली शिकायतों के बाद यह प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई। इसमें सूचनाएं व्यवस्थापक द्वारा अपलोड की जानी थीं। इसमें किसान की ओर से स्वयं आधारित अअभि प्रमाणन के जरिए सूचना का सत्यापन करने तथा शपथ पत्र ऑनलाइन स्वीकार किया जाना अनिवार्य था। शाखा प्रबंधक की ओर से सत्यापन के बाद ही ऋण माफी का प्रावधान था। बमनवाड़ी के व्यवस्थापक ने ऐसे किसानों का डाटा भी पोर्टल पर चढ़ा दिया, जिन्होंने ऋण लिया ही नहीं। कई प्रकरणों में किसान पर बकाया राशि से अधिक ऋण भी बता दिया गया और तत्कालीन शाखा प्रबंधक से मिलीभगत कर ऋण माफी करा ली। खास बात यह है कि 30 नवम्बर 2018 को बकाया ऋण से करीब तीन गुना ऋण माफी कराकर 2 करोड़ 62 लाख का गबन कर लिया। यह राशि समिति के ऋण एवं बचत खाते में जमा होनी थी, लेकिन इन्होंने यह राशि समिति के बचत खाते में जमा करा ली और उसे धीरे-धीरे निकाल लिया। यह राशि 323 किसानों के नाम पर उठाई गई।
इनका कहना है
प्रकरण की जांच के बाद दोषियों को निलंबित गया है। साथ ही एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। किसान किसी भी प्रलोभन में नहीं आएं। यदि उन्हें कुछ भी गलत लगता है कि तो वह कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। हम कार्यालय में ऋण संबंधी सूची भी लगवा रहे हैं, जिसे किसान देख सकते हैं कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हो रही।
- आरपी मीणा, प्रबंध निदेशक, केन्द्रीय सहकारी बैंक