भरतपुर

Bharatpur: उज्ज्वला योजना में बड़ा घोटाला! गरीबों के नाम पर गैस कनेक्शन जारी, लेकिन घरों तक नहीं पहुंचे सिलेंडर

Ujjwala Yojana Fraud: भरतपुर के बृज नगर में उज्ज्वला योजना के नाम पर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके नाम पर गैस कनेक्शन और सिलेंडर सप्लाई रिकॉर्ड में दर्ज है, लेकिन उन्हें आज तक गैस सामग्री नहीं मिली।

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May 12, 2026
फाइल फोटो- पत्रिका

भरतपुर। बृज नगर कस्बे में संचालित तेज भारत गैस एजेंसी पर अब उज्ज्वला योजना के नाम पर गंभीर अनियमितताओं और कथित गैस घोटाले के आरोप लग रहे हैं। गरीब और अशिक्षित परिवारों का आरोप है कि एजेंसी के डिलीवरी मैन गांवों में पहुंचे और कहा कि एजेंसी पर फ्री गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, अपने कागज जमा करा दो। सरकारी योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में ग्रामीणों ने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेज एजेंसी पर जमा करा दिए।

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आरोप है कि इसके बाद उनके नाम पर गैस कनेक्शन चालू कर दिए गए, लेकिन लाभार्थियों को ना भरा हुआ सिलेंडर दिया गया, ना गैस चूल्हा, ना पाइप लाइन, ना रेगुलेटर और ना ही पासबुक उपलब्ध कराई गई। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब ऑनलाइन रिकॉर्ड निकलवाए गए।

जनता ने लगाया आरोप

रिकॉर्ड में इन गरीब परिवारों के नाम पर गैस कनेक्शन जारी होना ही नहीं, बल्कि सिलेंडर सप्लाई और उठान तक दर्ज मिला, जबकि पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनके घर कभी गैस पहुंची ही नहीं। अब गांवों में खुलकर चर्चा है कि गरीबों के नाम पर गैस कनेक्शन लेकर सिलेंडरों की कथित ब्लैकिंग की गई।

रिकॉर्ड में गैस सप्लाई, घरों में अब भी धुआं

विडंबना यह है कि जिन महिलाओं के नाम पर केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिखाया जा रहा है, वे आज भी लकड़ी और उपलों से खाना बनाने को मजबूर हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सिलेंडर मिला ही नहीं तो रिकॉर्ड में सप्लाई किसने ली? बिना लाभार्थी के गैस उठान कैसे हो गया? आखिर गरीबों के हिस्से की गैस किसके घर पहुंच रही है?

इन उपभोक्ताओं ने खोली पूरी पोल

दीनू (पति उपभोक्ता जमसीदा, निवासी उड़की मोहम्मदा) ने बताया कि डिलीवरी मैन ने कहा था कि फ्री गैस कनेक्शन मिलेगा। हमने दस्तावेज जमा करा दिए। उपभोक्ता संख्या 101500999 और एसवी नंबर 4105918531 पर कनेक्शन चालू दिखा रहे हैं। रिकॉर्ड में सिलेंडर सप्लाई भी दर्ज है, लेकिन हमें आज तक भरा हुआ सिलेंडर, चूल्हा, पाइप लाइन, रेगुलेटर और पासबुक नहीं मिली।

सुलेमान (पति उपभोक्ता फजरी, निवासी ईसनाका) ने कहा कि हमसे कहा गया कि सरकार मुफ्त गैस दे रही है। दस्तावेज जमा कराने के बाद उपभोक्ता संख्या 85399620 और एसवी नंबर 4087084635 पर 13 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड में सिलेंडर सप्लाई भी दर्ज है, लेकिन हमारे घर कुछ नहीं पहुंचा।

फज्जर (पति उपभोक्ता मौसमीना, निवासी काबान का बास) का आरोप है कि उपभोक्ता संख्या 89341648 और एसवी नंबर 4133742574 पर 13 सितंबर 2024 को रिकॉर्ड में गैस सप्लाई भी दर्ज है, लेकिन आज तक सिलेंडर, चूल्हा और रेगुलेटर नहीं मिला।

सुबदीन (पति उपभोक्ता हफीजन, निवासी ईसनाका) ने बताया कि उपभोक्ता संख्या 85722903 और एसवी नंबर 4132095446 पर 13 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड में सिलेंडर उठान और सप्लाई दर्ज है, लेकिन हमें कोई गैस सामग्री नहीं दी गई। यह गरीबों के नाम पर बड़ा खेल है।

सवालों पर चुप्पी

मामले को लेकर जब तेज भारत गैस एजेंसी संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं जिला रसद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी। अधिकारियों की यह चुप्पी अब ग्रामीणों के संदेह को और गहरा रही है। लोगों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो फिर जवाब देने से बचा क्यों जा रहा है?

जांच की मांग तेज

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, रसद विभाग और तेल कंपनी से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों ने गैस सप्लाई रिकॉर्ड, डिलीवरी एंट्री, ओटीपी लॉग और वितरण व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। यदि आरोप सही साबित हुए तो यह मामला केवल गैस एजेंसी की लापरवाही नहीं, बल्कि गरीबों के नाम पर सरकारी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का उदाहरण बन सकता है। अब क्षेत्र में हर जुबान पर एक ही सवाल है कि गरीबों को गैस नहीं मिली, फिर उनके नाम पर उठे सिलेंडर आखिर गए कहां?

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